चंडीगढ़, 14 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा सरकार ने पशु चिकित्सा सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए पंचकूला स्थित पेट एनिमल मेडिकल सेंटर के आधुनिकीकरण को मंजूरी दे दी है। इसके तहत केंद्र में उन्नत जांच उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आधुनिक पशु एंबुलेंस की खरीद तथा अस्पताल की इमारत की मरम्मत और नवीनीकरण किया जाएगा। ये निर्णय आज यहां मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में पेट एनिमल हेल्थ सोसाइटी की गवर्निंग बॉडी की आठवीं बैठक में लिए गए। बैठक में विशेष पशु चिकित्सा उपचार को अधिक सुलभ, किफायती और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। गवर्निंग बॉडी ने इस चिकित्सा केंद्र में पशुओं के हृदय की कार्यप्रणाली की जांच के लिए इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) मशीन तथा कैनाइन डिस्टेंपर, पार्वोवायरस, लेप्टोस्पायरोसिस और रक्त के माध्यम से फैलने वाले संक्रमणों की त्वरित जांच की सुविधाएं शुरू करने को मंजूरी दी है। त्वरित जांच किट खरीदने के लिए प्रतिवर्ष एक लाख रुपये का प्रावधान करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
सोसाइटी ने वर्ष 2009 से पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहे इस पेट एनिमल मेडिकल सेंटर की इमारत की मरम्मत और नवीनीकरण को भी मंजूरी दी है। अस्पताल की विभिन्न मंजिलों तक पहुंच आसान बनाने, विशेष रूप से बड़े, घायल और चलने-फिरने में असमर्थ पशुओं की सुविधा के लिए 10 व्यक्तियों की क्षमता वाली लिफ्ट लगाने का निर्णय लिया गया है। इससे पहली मंजिल पर स्थित नेत्र चिकित्सा और जांच इकाइयों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। आपातकालीन पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगभग 25 लाख रुपये की लागत से एक नई पशु एंबुलेंस खरीदने को भी मंजूरी दी गई है। इस एंबुलेंस में वातानुकूलित केबिन, आपातकालीन ऑक्सीजन आपूर्ति, प्राथमिक उपचार की सुविधाएं, विभिन्न शारीरिक मानकों की निगरानी करने वाले उपकरण, स्ट्रेचर और नसों के माध्यम से तरल पदार्थ देने की व्यवस्था उपलब्ध होगी।
बढ़ी हुई सुविधाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए सोसाइटी ने अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी है। इनमें दो एनिमल अटेंडेंट अथवा बहुउद्देशीय कर्मचारी, एक अकाउंटेंट-कम-स्टोरकीपर, तीन सुरक्षा कर्मी और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं। इन कर्मचारियों की नियुक्ति से विशेष उपचार इकाइयों के संचालन, वित्तीय एवं स्टोर संबंधी रिकॉर्ड के रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन को सुचारू बनाने में मदद मिलेगी। केंद्र के कामकाज की समीक्षा करते हुए गवर्निंग बॉडी ने कहा कि पंचकूला स्थित यह केंद्र हरियाणा और पड़ोसी राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण पशु चिकित्सा रेफरल केंद्र के रूप में उभरा है। पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया ने बताया कि केंद्र में वर्ष 2025-26 के दौरान 24,401 बाह्य रोगी मामलों का उपचार किया गया, जबकि वर्ष 2024-25 में यह संख्या 23,056 और वर्ष 2023-24 में 21,129 थी। प्रयोगशाला जांच की संख्या वर्ष 2023-24 में 3,267 से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 4,407 हो गई। इसी अवधि के दौरान एक्स-रे जांच की संख्या भी 1,625 से बढ़कर 1,901 हो गई।
चालू वित्त वर्ष में 1 अप्रैल से 31 अगस्त, 2026 तक के पहले पांच महीनों के दौरान केंद्र में आवारा कुत्तों सहित कुल 11,106 बाह्य रोगी मामले दर्ज किए गए। इस अवधि में 101 सर्जरी की गईं, जबकि 1,807 प्रयोगशाला जांच, 870 एक्स-रे जांच और 105 अल्ट्रासाउंड जांच की गईं। बैठक में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने, कर्मचारियों की तैनाती एवं ड्यूटी व्यवस्था में सुधार करने और अस्पताल के संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, किफायती दवाओं, बेहतर बुनियादी सुविधाओं और प्रशिक्षित सहायक कर्मचारियों की उपलब्धता से पंचकूला का यह केंद्र आने वाले दिनों में क्षेत्र में सुलभ और गुणवत्तापूर्ण पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।






