मानसा, 14 अक्टूबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): परविंदर झोटा हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर गठित एक्शन कमेटी ने 15 अक्टूबर, 2026 को पंजाब बंद का आह्वान किया है। कमेटी ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग करते हुए कहा है कि हत्या से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। एक्शन कमेटी ने आरोप लगाया है कि यह हत्या नशा तस्करों और पुलिस के बीच कथित गठजोड़ का नतीजा है। हालांकि, ये आरोप हैं और स्वतंत्र जांच के माध्यम से इनकी पुष्टि होना अभी बाकी है। कमेटी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाने की मांग की है।
CBI जांच और PGI के मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने की मांग
कमेटी ने मामले की जांच CBI को सौंपने के अलावा पोस्टमार्टम PGI के मेडिकल बोर्ड के माध्यम से कराने की मांग भी की है। कमेटी का कहना है कि मेडिकल जांच की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि मौत से जुड़े तथ्यों को लेकर स्पष्टता आ सके।
मांगें पूरी होने तक सिरसा-लुधियाना मार्ग बंद रखने का ऐलान
एक्शन कमेटी ने ऐलान किया है कि उसकी मांगें पूरी होने तक सिरसा-लुधियाना मुख्य मार्ग बंद रखा जाएगा। कमेटी ने लोगों से इस संघर्ष में सहयोग देने की अपील की है। इसके साथ ही 15 अक्टूबर को पंजाब बंद के आह्वान के जरिए सरकार और प्रशासन का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।
पंजाब बंद के आह्वान से यातायात और कारोबार प्रभावित होने की आशंका
पंजाब बंद और मुख्य मार्ग बंद रखने के ऐलान के कारण संबंधित क्षेत्रों में यातायात और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, बंद के दौरान यातायात, दुकानों और अन्य सेवाओं की स्थिति के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है। परविंदर झोटा हत्याकांड में एक्शन कमेटी की मांगों और अगले कदमों को लेकर अब सरकार तथा प्रशासन के रुख पर नजर रहेगी। मामले में लगाए गए आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।






