लुधियाना जिले के गांव पोहीर के लिद्दड़ परिवार से संबंधित थीं गुरदेव कौर गरचा; परिवार के सदस्यों और शुभचिंतकों ने जताया शोक
सरी, 14 अक्टूबर, 2026 (छत्तरपाल सिंह): इंडियन ओवरसीज कांग्रेस कनाडा के कोऑर्डिनेटर दविंदर गरचा और उनके भाई जसविंदर गरचा को उस समय गहरा सदमा लगा, जब उनकी माता गुरदेव कौर गरचा का निधन हो गया। उनके निधन की खबर से परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और परिचितों में शोक की लहर है। परिवार द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, गुरदेव कौर गरचा ने लंबा और सुखद जीवन व्यतीत किया। वह अपने परिवार के प्यार और स्नेह से घिरी रहीं। परिवार के सदस्यों के अनुसार, उनके स्वभाव में झलकने वाली विनम्रता, समझदारी, हौसले और दयालुता ने उनके संपर्क में आने वाले लोगों के मन पर गहरी छाप छोड़ी।
परिवार को हमेशा याद रहेगा मां का प्यार और आशीर्वाद
मां का प्यार एक अनमोल उपहार है, जिसकी याद जीवनभर इंसान के साथ रहती है। गुरदेव कौर गरचा के निधन से परिवार ने अपनी प्यारी मां को खो दिया है। उनका प्यार, आशीर्वाद और परिवार के साथ जुड़ी यादें आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा और सहारे का स्रोत बनी रहेंगी। गुरदेव कौर गरचा अपने पीछे पुत्र दविंदर गरचा और जसविंदर गरचा, पुत्री सतिंदर चहल, पोते-पोतियों, नाती-नातिनों और पड़पोते-पड़पोतियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। परिवार के सदस्यों के लिए उनके साथ बिताए पल और उनके द्वारा दिया गया प्यार हमेशा यादगार रहेगा।
पंजाब से जुड़ी थीं गुरदेव कौर गरचा की जड़ें
परिवार से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरदेव कौर का मायका परिवार लुधियाना जिले के गांव पोहीर के लिद्दड़ परिवार से संबंधित था। उनका विवाह अहमदगढ़ के निकट गांव देहलीज कलां के निवासी करतार सिंह गरचा से हुआ था। उनके दो भाई भी हैं। उनके चचेरे भाई भूपिंदर सिंह लिद्दड़ का उल्लेख भी परिवार द्वारा साझा की गई जानकारी में किया गया है। वह कनाडा सरकार की ओर से नैरोबी में राजदूत रह चुके हैं।






