Thursday, October 15, 2026
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से रूस के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात, उन्नत ड्रोन तकनीक में भारत-रूस संयुक्त उद्यमों की संभावनाओं पर चर्चा

चंडीगढ़, 15 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा को ड्रोन निर्माण, एयरोस्पेस और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए रूस के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास संत कबीर कुटीर में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। बैठक में हरियाणा में निवेश, तकनीक हस्तांतरण, संयुक्त अनुसंधान और औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में हिसार जिले के हांसी स्थित सिसाय में एवीपीएल इंटरनेशनल द्वारा स्थापित ड्रोन सिटी हरियाणा में प्रस्तावित दो भारत-रूस संयुक्त उद्यमों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इनमें उन्नत हेलीकॉप्टर ड्रोन के निर्माण तथा भारतीय सेमीकंडक्टर चिप्स का उपयोग करते हुए जीपीएस/जीएनएसएस संकेतों पर निर्भर हुए बिना ड्रोन के संचालन और नेविगेशन की तकनीक विकसित करने की योजनाएं शामिल हैं।

छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में रूस के चार प्रतिनिधि और भारत के दो वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे। रूसी प्रतिनिधिमंडल में स्कोल्कोवो फाउंडेशन के निदेशक श्री लियोनिद आर्टेमोव, परियोजना प्रबंधक श्री अलेक्जेंडर जापोरोज्स्की, ओमनीटेक एलएलसी के सीईओ श्री अलेक्सी अर्बानस्की तथा 4जीएनएसएस एलएलसी/ओरिएंट सिस्टम्स ग्रुप के सीईओ एवं सह-संस्थापक श्री सर्गेई लेबेदेव शामिल रहे।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल में ड्रोन टेक मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल श्री राकेश कुमार आनंद तथा एवीपीएल इंटरनेशनल (एआईटीएमसी वेंचर्स लिमिटेड) के संस्थापक एवं चेयरमैन श्री दीप सिंह सिसाय शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सहयोग और प्रस्तावित संयुक्त उद्यमों के माध्यम से हरियाणा में उन्नत ड्रोन निर्माण का मजबूत औद्योगिक तंत्र विकसित करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।

उन्नत हेलीकॉप्टर ड्रोन निर्माण इकाई स्थापित करने की योजना

बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को रूस की कंपनी ओमनीटेक एलएलसी और एवीपीएल इंटरनेशनल के बीच प्रस्तावित सहयोग की जानकारी दी। इसके तहत सिसाय स्थित ड्रोन सिटी हरियाणा में उन्नत हेलीकॉप्टर ड्रोन निर्माण इकाई स्थापित करने की योजना है।

प्रस्तावित परियोजना के अंतर्गत उन्नत मानवरहित हेलीकॉप्टर प्रणालियों के निर्माण, असेंबली, अनुसंधान, परीक्षण और तकनीकी विकास के लिए सुविधाएं विकसित करने की परिकल्पना की गई है। प्रस्ताव के अनुसार, इन हेलीकॉप्टर ड्रोन की उड़ान क्षमता 250 किलोमीटर तक और भार उठाने की क्षमता 200 किलोग्राम तक होगी।

इस परियोजना का उद्देश्य तकनीक हस्तांतरण, स्वदेशी निर्माण, अनुसंधान और औद्योगिक उत्पादन को प्रोत्साहित करना है।

प्रस्तावित हेलीकॉप्टर ड्रोन का उपयोग औद्योगिक लॉजिस्टिक्स, आपदा प्रबंधन, दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति तथा अन्य नागरिक एवं औद्योगिक कार्यों में किया जा सकेगा। संयुक्त उद्यम को अंतिम रूप मिलने पर हरियाणा में विशेष हेलीकॉप्टर ड्रोन निर्माण क्षेत्र के विकास को बढ़ावा मिल सकता है। इससे उन्नत एयरोस्पेस और मानवरहित हवाई प्रणालियों के निर्माण में राज्य की स्थिति और मजबूत होने की संभावना है।

जी.पी.एस. के बिना भी काम करने वाली ड्रोन नेविगेशन तकनीक विकसित करने की तैयारी

बैठक में 4जीएनएसएस एलएलसी/ओरिएंट सिस्टम्स ग्रुप के साथ दूसरे प्रस्तावित भारत-रूस संयुक्त उद्यम पर भी चर्चा हुई। इसके तहत ऐसी उन्नत ड्रोन नेविगेशन तकनीक विकसित करने की योजना है, जो जीपीएस/जीएनएसएस उपग्रह संकेत उपलब्ध न होने की स्थिति में भी काम कर सके।

इस तकनीक का उद्देश्य ड्रोन को उपग्रह आधारित नेविगेशन संकेतों की अनुपस्थिति में भी अपने निर्धारित मिशन पूरे करने में सक्षम बनाना है। प्रस्तावित परियोजना में भारतीय सेमीकंडक्टर चिप्स के उपयोग, स्वदेशी तकनीक के विकास और भारत में ही निर्माण की संभावनाओं को तलाशने पर जोर दिया गया है।

यह पहल ड्रोन अनुसंधान, स्वायत्त नेविगेशन और एयरोस्पेस इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में प्रगति के साथ-साथ देश में उन्नत तकनीक के विकास के नए अवसर भी पैदा कर सकती है।

ड्रोन और एयरोस्पेस निर्माण को बढ़ावा दे रही हरियाणा सरकार

उल्लेखनीय है कि हरियाणा सरकार राज्य में ड्रोन और एयरोस्पेस निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए पहले ही कई महत्वपूर्ण कदम उठा चुकी है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन बोर्ड (HEPB) की 19वीं बैठक में एआईटीएमसी वेंचर्स लिमिटेड के लिए 58.51 करोड़ रुपये के विशेष प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी दी गई थी।

यह मंजूरी हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति, 2020 के तहत हिसार जिले में ड्रोन और ड्रोन के पुर्जों के निर्माण के लिए औद्योगिक केंद्र विकसित करने के उद्देश्य से दी गई थी।

मुख्यमंत्री ने हरियाणा को ड्रोन निर्माण, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने पर भी विशेष जोर दिया है। 28 सितंबर, 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को ड्रोन निर्माण के क्षेत्र में अनुसंधान को प्राथमिकता देने, स्टार्टअप्स को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने और युवाओं के तकनीकी कौशल विकास को मजबूत करने के निर्देश दिए थे। इसका उद्देश्य हरियाणा को ड्रोन कैपिटल के रूप में विकसित करना है।

रूसी तकनीकी कंपनियों के साथ प्रस्तावित सहयोग इन प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने, तकनीक हस्तांतरण को प्रोत्साहित करने और उच्च मूल्य वाले उत्पादन को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर सकता है।

ड्रोन सिटी हरियाणा बन रही है उन्नत तकनीक का केंद्र

सिसाय स्थित ड्रोन सिटी हरियाणा इसी दिशा में राज्य की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस परियोजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सितंबर 2025 में किया था, जबकि इसके पहले चरण का उद्घाटन हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने मई 2026 में किया था।

हरियाणा पहुंचने से पहले रूसी प्रतिनिधिमंडल ने 12 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राम मोहन नायडू से भी मुलाकात की थी। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने सिसाय स्थित ड्रोन सिटी हरियाणा का दौरा कर वहां उपलब्ध निर्माण, अनुसंधान और तकनीकी प्रशिक्षण सुविधाओं की जानकारी ली।

एवीपीएल इंटरनेशनल और ड्रोन टेक मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने भी रूसी कंपनियों के साथ तकनीकी सहयोग और संयुक्त उद्यमों की संभावनाओं पर चर्चा की।

बैठक में हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री विवेक कालिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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