पटियाला, 16 अक्टूबर 2026 (हर्षलीन सिंह): कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पंजाब के पटियाला कार्यालय द्वारा निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पंजाब डॉ. गुरजीत सिंह बराड़ के दिशा-निर्देशों तथा संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण डॉ. करनजीत सिंह गिल के नेतृत्व में 15 अक्टूबर 2026, वीरवार को कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), पटियाला के सहयोग से महिला किसान दिवस मनाया गया। मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. दारा सिंह की अगुवाई में आयोजित इस कार्यक्रम में पटियाला जिले के विभिन्न गांवों से महिला किसानों और युवतियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए डॉ. परमजीत कौर ने महिला किसानों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में बीजों के संरक्षण, फसलों की बुवाई, पशुओं की देखभाल, फल एवं सब्जियों की खेती, प्रसंस्करण, मछली पालन और अन्य सहायक व्यवसायों में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी है। उन्होंने कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी साझा की।
इस अवसर पर वरिष्ठ मत्स्य पालन अधिकारी डॉ. वीरपाल कौर ने कहा कि मछली पालन के क्षेत्र में महिलाओं का अहम योगदान है। उन्होंने मत्स्य पालन विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
केवीके पटियाला के उपनिदेशक डॉ. हरदीप सिंह सभिखी ने महिला किसानों के लिए चलाए जा रहे व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अन्य सुविधाओं के बारे में बताया। उन्होंने शहद के महत्व और उसकी शुद्धता से संबंधित जानकारी भी साझा की।
डॉ. गुरउपदेश कौर ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2026 को महिला किसानों का अंतरराष्ट्रीय वर्ष घोषित किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में कृषि को मुख्य रूप से पुरुषों का व्यवसाय माना जाता रहा है, लेकिन खेती-किसानी में महिलाओं का योगदान समाज की आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ है।
उन्होंने महिलाओं के कठिन परिश्रम को आसान बनाने वाले उपकरणों, जैसे रिंग कटर, घूमने वाली पीढ़ी, सब्जियां तोड़ने के लिए दस्ताने और हल्दी निकालने वाले उपकरणों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन उपकरणों के इस्तेमाल से शारीरिक थकान और तनाव कम करने में मदद मिलती है।
डॉ. रजनी गोयल ने खाद्य प्रसंस्करण के बारे में जानकारी दी, जबकि डॉ. रचना सिंगला ने मशरूम की खेती और घरेलू बगीचे की योजना बनाने के बारे में बताया।
कार्यक्रम के दौरान प्रगतिशील महिला किसानों भिंदर कौर, कुलविंदर कौर, माला कुमारी, हरजीत कौर, मीना रानी और कुलविंदर कौर को सम्मानित किया गया। इन महिला किसानों ने सहायक व्यवसायों से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए।






