Thursday, November 5, 2026
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कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा गांव गिदड़ियाणी में किसान जागरूकता शिविर आयोजित, पराली प्रबंधन पर दिया जोर

लहरागागा, 20 अक्टूबर, 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र, संगरूर की ओर से गांव गिदड़ियाणी, ब्लॉक लहरागागा में पराली प्रबंधन और रबी की फसलों की खेती के संबंध में किसान जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में 80 से अधिक किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

शिविर के दौरान डॉ. मनदीप सिंह, प्रभारी, पीएयू कृषि विज्ञान केंद्र, संगरूर ने फसल अवशेषों (पराली) के इन-सीटू प्रबंधन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने किसानों को धान की पराली जलाने के बजाय खेतों में ही उसका उचित प्रबंधन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने किसानों से सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, स्मार्ट सीडर, सरफेस सीडर और अन्य आधुनिक कृषि मशीनों का उपयोग करके फसल अवशेषों का प्रभावी प्रबंधन करने की अपील की।

उन्होंने बताया कि फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने, पर्यावरण प्रदूषण कम करने और मिट्टी में जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ाने में सहायक होता है। इसके अलावा उन्होंने मिट्टी की जांच के परिणामों के आधार पर संतुलित और उचित मात्रा में उर्वरकों का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया, ताकि अनावश्यक खाद की खपत कम की जा सके। उन्होंने पानी और पोषक तत्वों के कुशल प्रबंधन पर भी जोर दिया।

डॉ. गुरबीर कौर, सहायक प्रोफेसर (पादप सुरक्षा) ने रबी की फसलों के बीज उपचार और रोगों के एकीकृत प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने धान की मौजूदा फसल की देखभाल के लिए भी किसानों के साथ उपयोगी सुझाव साझा किए।

डॉ. रविंदर कौर, एसोसिएट प्रोफेसर (बागवानी) ने किसानों को पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने घरों में सब्जियों और फलों की बगीची लगाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सर्दियों में उगाई जाने वाली सब्जियों की उन्नत किस्मों और मशरूम की खेती के बारे में भी जानकारी दी।

इस शिविर में गांव की सहकारी सभा के सचिव गुरमीत सिंह और सभी कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रगतिशील फूल उत्पादक जगदीप सिंह ने विशेष प्रयास करते हुए शिविर के समुचित प्रबंध किए।

शिविर में शामिल किसानों को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की ओर से प्रकाशित कृषि साहित्य तथा गेहूं के बीज उपचार के लिए जैव उर्वरक का टीका भी उपलब्ध करवाया गया।

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