चंडीगढ़, 22 अक्टूबर, 2026 (जगजीत सिंह): पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस दावे के बाद कि अगले विधानसभा चुनाव के बाद पंजाब में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनेगी, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल के बीच दोबारा गठबंधन की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
अमित शाह ने पंजाब में नशे की समस्या पर चिंता जताते हुए दावा किया कि राज्य में नशे का कारोबार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग इस बार NDA की सरकार बनाने का मन बना चुके हैं। साथ ही उन्होंने वर्ष 2029 तक पंजाब से नशे के कारोबार को खत्म करने का वादा भी किया।
हालांकि, अमित शाह के बयान को BJP और अकाली दल के बीच गठबंधन का औपचारिक ऐलान नहीं माना जा सकता। फिलहाल दोनों दलों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
क्या 2027 चुनाव से पहले फिर साथ आएंगे BJP और अकाली दल?
अमित शाह के बयान के बाद पंजाब की राजनीति में एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि क्या BJP और शिरोमणि अकाली दल आगामी विधानसभा चुनाव में मिलकर मैदान में उतरेंगे।
गौरतलब है कि कृषि कानूनों को लेकर हुए विवाद के बाद BJP और अकाली दल का पुराना गठबंधन टूट गया था। इसके बाद दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़े। BJP के कई नेता पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने की बात भी कह चुके हैं।
ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच संभावित राजनीतिक समझौते को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। अमित शाह के बयान ने गठबंधन की अटकलों को जरूर हवा दी है, लेकिन अंतिम फैसला दोनों पार्टियों के राजनीतिक रुख पर निर्भर करेगा।
20 अक्टूबर को पंजाब पहुंचे थे अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 20 अक्टूबर को पंजाब का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात की थी। झोटा की 13 अक्टूबर को हत्या के बाद उनका परिवार न्याय और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा था।
मुलाकात के दौरान अमित शाह ने परिवार को मामले की गहन जांच का भरोसा दिलाया था। उन्होंने कहा था कि घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
झोटा हत्याकांड की जांच CBI के पास
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की सिफारिश के बाद एजेंसी ने नई FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अपने पंजाब दौरे के दौरान अमित शाह ने गुरदासपुर और संगरूर में नशे से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से भी मुलाकात की थी।
नशा और गठबंधन का मुद्दा रहेगा अहम
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए नशे की समस्या, कानून-व्यवस्था और राजनीतिक गठबंधन जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण बने हुए हैं। BJP और अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन को लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है, लेकिन अमित शाह के ताजा बयान के बाद इस विषय पर राजनीतिक चर्चाएं तेज होने की संभावना है।






