शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने किया स्वागत और सम्मानित, दोनों देशों की सरकारों से वीजा प्रक्रिया आसान करने की अपील
श्री आनंदपुर साहिब, 26 अक्टूबर 2026 (जगजीत सिंह): पाकिस्तान से भारत की धार्मिक यात्रा पर आया 49 सिख श्रद्धालुओं का जत्था श्री आनंदपुर साहिब पहुंचा। करीब आठ साल के अंतराल के बाद यहां पहुंचे इस जत्थे के सदस्यों ने खालसा पंथ की जन्मभूमि श्री आनंदपुर साहिब स्थित तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेककर गुरु साहिब के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से स्वागत किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया।
जत्थे के सदस्यों ने बताया कि भारत की इस धार्मिक यात्रा के दौरान उन्होंने दिल्ली के विभिन्न गुरुद्वारा साहिबों, श्री हेमकुंट साहिब और फतेहगढ़ साहिब के दर्शन किए। इसके बाद वे सिख इतिहास में विशेष स्थान रखने वाले श्री आनंदपुर साहिब पहुंचे। यहां तख्त श्री केसगढ़ साहिब में नतमस्तक होकर उन्होंने गुरु घर का आशीर्वाद प्राप्त किया।
धार्मिक यात्राएं सिख भाईचारे की एकता को मजबूत करती हैं
इस मौके पर एसजीपीसी के कार्यकारी सदस्य दलजीत सिंह भिंडर और सदस्य अजमेर सिंह खेड़ा ने पाकिस्तान से आए श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसी धार्मिक यात्राएं दोनों देशों में रहने वाले सिख समुदाय के बीच आपसी संबंधों, धार्मिक आस्था और भाईचारे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा कि सिख धर्म से जुड़े अनेक ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब भारत और पाकिस्तान में स्थित हैं। इन पवित्र स्थलों के दर्शन करना सिख श्रद्धालुओं की गहरी धार्मिक भावना से जुड़ा है। उन्होंने दोनों देशों की सरकारों से अपील की कि श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए वीजा प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन कर सकें।
पाकिस्तान के श्रद्धालुओं ने एसजीपीसी और दिल्ली कमेटी का जताया आभार
जत्थे के सदस्यों ने भारत में धार्मिक यात्रा के दौरान सहयोग और स्वागत के लिए एसजीपीसी तथा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का धन्यवाद किया। उन्होंने श्री आनंदपुर साहिब की संगत को पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबों के दर्शन करने के लिए आमंत्रित भी किया।
श्रद्धालुओं ने दोनों देशों की सरकारों से वीजा नियमों में राहत देने की मांग करते हुए कहा कि धार्मिक यात्राओं को सुविधाजनक बनाने से सिख समुदाय के लोगों को अपने ऐतिहासिक और आध्यात्मिक केंद्रों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
गुरु ग्रंथ साहिब पर पीएचडी करने वाली नन्हीं किरात कौर का विशेष सम्मान
इस जत्थे में शामिल नन्हीं किरात कौर विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। दी गई जानकारी के अनुसार, वह पाकिस्तान में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के विषय पर पीएचडी करने वाली पहली सिख महिला हैं। उनकी इस शैक्षणिक उपलब्धि और गुरु ग्रंथ साहिब के प्रति अध्ययन एवं समर्पण को देखते हुए एसजीपीसी की ओर से उन्हें सिरोपा भेंट कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान धार्मिक आस्था के साथ-साथ सिख धर्मग्रंथों के अध्ययन और शोध के क्षेत्र में उनकी उपलब्धि के प्रति सम्मान का प्रतीक रहा।
जत्थे में शामिल रहे कई प्रमुख सदस्य
पाकिस्तान से आए इस जत्थे में पाकिस्तान कमेटी के पूर्व सदस्य सरबत सिंह के अलावा साहिब सुजान सिंह, भूपिंदर सिंह, हरजीत सिंह, प्रीतम सिंह, अमरजीत सिंह, बाबा हरभजन सिंह, महिंदर सिंह, इंदरजीत सिंह, दलविंदर सिंह, जसवंत सिंह, जसबीर सिंह, सतबीर सिंह, सुरबीर सिंह और जोगिंदर सिंह सहित अन्य श्रद्धालु शामिल थे।
इस अवसर पर तख्त श्री केसगढ़ साहिब के अतिरिक्त प्रबंधक एडवोकेट हरदेव सिंह भी उपस्थित रहे।
पाकिस्तान से आए इस जत्थे की श्री आनंदपुर साहिब यात्रा ने एक बार फिर सिख समुदाय के साझा धार्मिक इतिहास, गुरुद्वारा साहिबों के प्रति श्रद्धा और सीमाओं के पार आपसी संबंधों को मजबूत करने में धार्मिक यात्राओं के महत्व को रेखांकित किया।