Wednesday, November 4, 2026
HomePunjabलाल लकीर के अंदर बने घरों को मिली मालिकाना पहचान, चार गांवों...

लाल लकीर के अंदर बने घरों को मिली मालिकाना पहचान, चार गांवों में 957 प्रॉपर्टी कार्ड वितरित

दिड़बा, 27 अक्टूबर 2026 (जगजीत सिंह): पंजाब सरकार की ओर से चलाई जा रही ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत चार गांवों में कुल 957 प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए गए। इस योजना का उद्देश्य लाल लकीर के अंदर स्थित आवासीय संपत्तियों के मालिकाना हक को दस्तावेजी पहचान प्रदान करना है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के ओएसडी तपिंदर सिंह सोही ने विधानसभा हलका दिड़बा के विभिन्न गांवों में पहुंचकर निवासियों को मालिकाना हक से संबंधित दस्तावेज सौंपे।

इस दौरान गांव लदाल में 323, सतौज में 354, नागरी में 208 और मरदखेड़ा में 72 प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए गए। इस अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की माता श्रीमती हरपाल कौर भी मौजूद रहीं।

इस मौके पर तपिंदर सिंह सोही ने कहा कि अपना घर प्रत्येक परिवार के लिए केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि सुरक्षा, आत्मसम्मान और भविष्य की उम्मीदों का केंद्र होता है। ऐसे में घर के मालिकाना हक से संबंधित दस्तावेज प्राप्त करना लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना का उद्देश्य लाल लकीर के अंदर रहने वाले लोगों को उनकी आवासीय संपत्तियों के मालिकाना हक का स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध करवाना है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी जरूरतों को प्राथमिकता दे रही है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ गांवों के पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे और लोगों को आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध हों।

तपिंदर सिंह सोही ने कहा कि प्रॉपर्टी कार्ड आवासीय संपत्तियों के मालिकाना हक से संबंधित रिकॉर्ड को स्पष्ट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन तक मालिकाना हक से संबंधित दस्तावेज पहुंचाना इस अभियान का अहम हिस्सा है।

उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे प्राप्त प्रॉपर्टी कार्ड को संभालकर रखें। यदि कार्ड में दर्ज विवरण के संबंध में किसी स्पष्टीकरण की आवश्यकता हो, तो संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।

उन्होंने आगे कहा कि गांवों का विकास केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के अधिकारों को मजबूत करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए लोगों को उनके घरों के मालिकाना हक की पहचान प्रदान कर रही है।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments