फतेहगढ़ साहिब, 30 अक्टूबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): जिला फतेहगढ़ साहिब में धान की पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए डिप्टी कमिश्नर डॉ. सोना थिंद ने स्थानीय जिला प्रशासनिक परिसर के कॉन्फ्रेंस रूम में सिविल और पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
डिप्टी कमिश्नर डॉ. सोना थिंद ने सभी क्लस्टर अधिकारियों और नोडल अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस टीमों के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर पराली जलाने की घटनाओं को रोका जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक फील्ड अधिकारी पराली प्रबंधन से संबंधित अपनी ड्यूटी पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाना सुनिश्चित करे। उन्होंने सभी एसडीएम, कृषि विभाग सहित जिला प्रशासन की फील्ड में तैनात टीमों को पराली के उचित निपटारे के लिए गांवों में जाकर किसानों से सीधे संपर्क करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए किसानों को इन-सीटू (In-Situ) और एक्स-सीटू (Ex-Situ) तकनीकों के माध्यम से पराली के उचित प्रबंधन तथा अन्य कृषि मशीनरी के उपयोग के बारे में अधिक से अधिक जागरूक करने की हिदायत दी।
उन्होंने सभी ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सरपंचों के साथ संपर्क स्थापित कर किसानों को पराली के अवशेष खेतों में ही मिलाने के लिए प्रेरित करें, ताकि प्रशासन को किसी प्रकार की सख्ती करने की आवश्यकता न पड़े।
डिप्टी कमिश्नर डॉ. सोना थिंद ने किसानों और सभी ग्राम पंचायतों से अपील की कि जिला प्रशासन द्वारा पराली न जलाने के लिए शुरू किए गए जागरूकता अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को प्रदूषण मुक्त वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि यह हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी भी है।
इस अवसर पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) अमरबीर कौर भुल्लर, एसपी हरवंत कौर, एसडीएम फतेहगढ़ साहिब करुण गुप्ता, एसडीएम बस्सी पठाना दीपजोत कौर, एसडीएम खमाणों अरविंद गुप्ता, एसडीएम अमलोह हरवीर कौर, सहायक कमिश्नर (जनरल) सूबा सिंह, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी जसप्रीत कौर, जिला कृषि अधिकारी जगदेव सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।






