पंचायत कार्यों में गंभीर अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों की जांच के बाद हुई कार्रवाई, निलंबन अवधि के दौरान पंचायत के कार्यों में भाग नहीं ले सकेंगी सरपंच, चल-अचल संपत्ति का कार्यभार दूसरे पंच को सौंपने के निर्देश
कुरुक्षेत्र, 5 नवंबर 2026 (संजीव शर्मा): उपायुक्त एवं जिलाधीश विश्राम कुमार मीणा ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 51(1) के तहत कार्रवाई करते हुए खंड थानेसर की ग्राम पंचायत कंवारखेड़ी की सरपंच को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए है। यह कार्रवाई पंचायत के कार्यों में गंभीर अनियमितताओं और पंचायत फंड/सार्वजनिक धन के दुरुपयोग से संबंधित शिकायतों की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
उपायुक्त एवं जिलाधीश विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि इस मामले में गांव कंवारखेड़ी निवासी शिकायतकर्ता द्वारा सरपंच के विरुद्ध पंचायत फंड के कथित दुरुपयोग एवं अनियमितताओं को लेकर शिकायत दी गई थी। शिकायत की जांच के लिए जिला परिषद के उपमंडल अभियंता की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने मामले की नियमानुसार जांच करते हुए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। जांच प्रक्रिया के दौरान ग्राम पंचायत से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद 6 अक्टूबर 2026 को शिकायतकर्ताओं एवं संबंधित हितधारकों को शामिल करते हुए ग्राम पंचायत कंवारखेड़ी की साइट का मौका निरीक्षण भी किया गया। जांच के दौरान सरपंच द्वारा जांच कमेटी को अपेक्षित सहयोग नहीं दिए जाने की बात भी सामने आई। जांच रिपोर्ट में पंचायत के कार्यों में गंभीर अनियमितताओं तथा पंचायत फंड एवं सार्वजनिक धन के दुरुपयोग से संबंधित निष्कर्ष दर्ज किए गए।
उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद उपायुक्त कार्यालय द्वारा सरपंच को अपना पक्ष रखने के लिए व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया। इसके लिए 5 नवंबर 2026 को प्रातः 11 बजे का समय निर्धारित किया गया था। व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान सरपंच को अपने ऊपर लगाए गए आरोपों के संबंध में पक्ष रखने तथा दस्तावेज एवं साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया, लेकिन वे अपने बचाव में कोई दस्तावेज अथवा साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाई। उपलब्ध दस्तावेजों, जांच कमेटी की रिपोर्ट तथा उपमंडल अभियंता, जिला परिषद कुरुक्षेत्र द्वारा प्रस्तुत तथ्यों का अवलोकन करने के बाद हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 51(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सरपंच को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए।
उन्होंने जारी आदेशों में कहा कि निलंबन अवधि के दौरान सरपंच पंचायत के किसी भी कार्य की कार्यवाही में भाग नहीं ले सकेंगी। साथ ही उन्हें ग्राम पंचायत की चल एवं अचल संपत्ति का कार्यभार किसी अन्य पंच को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पंचायत के नियमित कार्य प्रभावित न हों। उपायुक्त के इन आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और सरकारी धन के उचित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।






