हरियाणा, 27 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में संपन्न हुई 23वीं कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के खिलाड़ियों ने कुल 13 स्वर्ण पदक जीते, जिनमें से 7 स्वर्ण पदक अकेले हरियाणा की मिट्टी के लालों और बेटियों ने हासिल किए हैं। हमारे खिलाड़ियों ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और राष्ट्रध्वज तिरंगे के प्रति अटूट निष्ठा से पूरी दुनिया में भारत और हरियाणा का परचम लहराया है। उन्होंने कहा कि बेटियों द्वारा जीते गए इन पदकों ने दुनिया भर में तिरंगे का मान बढ़ाया है और ये खिलाड़ी पूरे देश और प्रदेश के लिए रोल मॉडल हैं।
मंत्री आज पंचकूला स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेता एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों के राज्य स्तरीय सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।
‘मिशन ओलंपिक 2036: विजय भव’ की शुरुआत
खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा सरकार ने ‘मिशन ओलंपिक 2036: विजय भव’ की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। खिलाड़ियों को वैश्विक मंच पर सर्वोत्तम संसाधन उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रदेश का खेल बजट बढ़ाकर 850 करोड़ रुपये कर दिया गया है। हमारे चैंपियन खिलाड़ी न केवल आगामी ओलंपिक में रिकॉर्ड संख्या में पदक जीतेंगे, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
खेल ढांचे का सुदृढ़ीकरण और इंश्योरेंस कवर
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के ऐतिहासिक 36,000 करोड़ रुपये के खेल बजट की तर्ज पर हरियाणा में भी आने वाले एक वर्ष में खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। राज्य के प्रत्येक जिले में अंतरराष्ट्रीय स्तर के सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। खिलाड़ियों की तकनीक में सुधार और आधुनिक प्रशिक्षण के लिए विश्व स्तरीय विदेशी कोचों की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के करियर में चोट के जोखिम को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने प्रत्येक खिलाड़ी को 20 लाख रुपये का मुफ्त इंश्योरेंस कवर देने का फैसला किया है, ताकि वे बिना किसी चिंता के अपना अभ्यास जारी रख सकें।
उन्होंने कहा कि अर्जुन अवार्डी और ओलंपिक पदक विजेताओं को नई खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरकार कम ब्याज दर पर 5 करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाएगी।
मंत्री ने प्रदेश के जमीनी खेल मॉडल की सराहना करते हुए बताया कि 8 वर्ष की उम्र से बच्चे खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण शुरू करते हैं, 18 वर्ष तक रेजिडेंट नर्सरियों का हिस्सा बनते हैं और इसके बाद TOPS तथा ‘खेलो इंडिया’ के माध्यम से वैश्विक मंचों तक पहुंचकर देश का गौरव बढ़ाते हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की उत्कृष्ट खेल नीति, मिट्टी के शौर्य और खिलाड़ियों के जज्बे के बल पर आज कॉमनवेल्थ, एशियन और ओलंपिक खेलों में भारत का डंका बज रहा है।






