कुरुक्षेत्र, 02 सितंबर,2026 (संजीव शर्मा): कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कुरुक्षेत्र के उपनिदेशक डा. गिरीश नागपाल ने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा द्वारा भारत सरकार की एग्रीस्टैक पहल के अंतर्गत किसानों का फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) तैयार किया जा रहा है। जिला कुरुक्षेत्र के सभी किसानों से अपील की गई है कि वे शीघ्र अपना फार्मर आईडी बनवाएं ताकि केंद्र एवं हरियाणा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि एवं किसान कल्याण योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उपनिदेशक डा. गिरीश नागपाल ने कहा कि फार्मर आईडी किसान की विशिष्ट डिजिटल पहचान के रूप में कार्य करेगा। इससे किसान की कृषि, भूमि एवं अन्य संबंधित जानकारी को एकीकृत और सत्यापित रूप में उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। फार्मर आईडी के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं डिजिटल कृषि सेवाओं का लाभ पात्र किसानों तक अधिक सुगमता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी। केंद्र एवं हरियाणा सरकार द्वारा किसानों के हित में अनेक योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे है। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, फसल अवशेष प्रबंधन, धान की सीधी बिजाई, मेरी फसल मेरा ब्यौरा सहित अन्य कृषि एवं किसान कल्याण योजनाएं शामिल है। इन योजनाओं में लाभ प्राप्त करने के लिए किसान की पहचान, भूमि एवं अन्य संबंधित विवरणों का सत्यापन आवश्यक होता है तथा संबंधित योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार फार्मर आईडी की आवश्यकता एवं उपयोग निर्धारित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों को फार्मर आईडी तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के संबंध में जागरूक करने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा गांव स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में कृषि विकास अधिकारी व कृषि विभाग के सुपरवाइजर द्वारा किसानों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि एवं किसान कल्याण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इसके साथ-साथ किसानों को फार्मर आईडी बनवाने की प्रक्रिया, इसके महत्व एवं इसके लाभ के बारे में भी जानकारी दी जा रही है तथा मौके पर ही फार्मर आईडी बनाने में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान फार्मर आईडी बनवाने में देरी न करें। सभी किसान इन शिविरों का लाभ उठाएं और कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सहयोग करते हुए अपनी फार्मर आईडी शीघ्र बनवाएं।
उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि फार्मर आईडी बनवाते समय अपना आधार कार्ड, मोबाइल नंबर तथा भूमि संबंधी आवश्यक दस्तावेज/विवरण साथ रखें और सही एवं अद्यतन जानकारी उपलब्ध करवाएं। किसान अपने गांव में आयोजित जागरुकता शिविर में अथवा निकटतम कृषि विभाग कार्यालय एवं अधिकृत सुविधा केंद्र से संपर्क कर फार्मर आईडी निर्माण की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते है। जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी लंबित है, वे गांव स्तर पर आयोजित जागरूकता शिविरों में भाग लेकर कृषि विभाग के कर्मचारियों से सहयोग प्राप्त करें। किसानों के सहयोग से जिले में फार्मर आईडी निर्माण का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जा सकेगा और पात्र किसानों को केंद्र एवं हरियाणा सरकार की विभिन्न कृषि एवं किसान कल्याण योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी।
उन्होंने कहा कि फार्मर आईडी से किसानों को कई लाभ होंगे, जिनमें किसान की एकीकृत एवं विशिष्ट डिजिटल पहचान तैयार होगी, कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं में किसान के विवरण के सत्यापन में सुविधा होगी, पात्र किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार की कृषि योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी, किसान की भूमि एवं कृषि संबंधी जानकारी को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने में सहायता मिलेगी, योजनाओं में आवेदन एवं लाभ वितरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाने में मदद मिलेगी, भविष्य में उपलब्ध होने वाली डिजिटल कृषि सेवाओं एवं किसान-केंद्रित योजनाओं का लाभ लेने में फार्मर आईडी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।






