पटियाला, 02 सितंबर 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): प्लास्टिक अपशिष्ट के प्रति जागरूकता और उसके स्रोत पर पृथक्करण को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पी.पी.सी.बी) ने आज सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल ऑफ़ एमिनेंस, फील खाना, पटियाला में “पंजाब प्लास्टिक चैंपियंस कार्यक्रम” का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम स्कूल-आधारित एमएलपी (मल्टी-लेयर्ड प्लास्टिक) अपशिष्ट संग्रहण चैंपियनशिप के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
यह कार्यक्रम स्कूलों और विद्यार्थियों को प्लास्टिक अपशिष्ट की अपेक्षाकृत कठिन श्रेणियों में से एक के प्रबंधन के प्रयास से जोड़ता है। एमएलपी तथा अन्य लचीली प्लास्टिक पैकेजिंग – जैसे चिप्स और स्नैक पैकेट, बिस्कुट एवं कन्फेक्शनरी रैपर, नूडल पैकेट, सैशे तथा इसी प्रकार की अन्य पैकेजिंग – का पुनर्चक्रण मूल्य अक्सर सीमित होता है और इसलिए इन्हें बोतलों तथा अन्य उच्च-मूल्य वाले प्लास्टिक की तरह पुनर्प्राप्ति की सुविधाएं नहीं मिल पातीं। जब इन सामग्रियों को सामान्य कचरे के साथ मिला दिया जाता है, तो अंततः लैंडफिल पर अपशिष्ट का भार बढ़ता है।

इस पहल को केवल एक अल्पकालिक संग्रहण अभियान के रूप में नहीं, बल्कि बच्चों में कम उम्र से ही कचरे के पृथक्करण और जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन की आदतें विकसित करने के प्रयास के रूप में तैयार किया गया है। विद्यार्थियों को प्लास्टिक प्रदूषण के बारे में जागरूक किया जाएगा तथा उन्हें घरों में उत्पन्न होने वाले एमएलपी अपशिष्ट को एकत्रित करने, उसे साफ और सूखा रखने तथा अपने स्कूलों में रखे निर्धारित संग्रहण बॉक्स में जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पीपीसीबी एकत्रित सामग्री के उचित प्रसंस्करण तथा उसे लैंडफिल से हटाकर उपयुक्त प्रबंधन/पुनर्प्राप्ति की दिशा में भेजने की सुविधा प्रदान करेगा।
यह कार्यक्रम पंजाब प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट सोसाइटी और स्थानीय गैर-सरकारी संगठन मेरा पटियाला मैं ही संवारा के सहयोग से क्रियान्वित किया जा रहा है। शुभारंभ कार्यक्रम में 20 से अधिक स्कूलों के प्रतिनिधियों, जिनमें एनएसएस/ईको-क्लब समन्वयक, शिक्षक और विद्यार्थी शामिल थे, ने भाग लिया। इस अवसर पर जिला शिक्षा विभाग, पटियाला का सक्रिय सहयोग भी प्राप्त हुआ, जिसमें डॉ. रविंदर शर्मा, उप जिला शिक्षा अधिकारी, पटियाला भी शामिल रहे। जिन स्कूलों में वर्तमान में एनएसएस/ईको-क्लब नहीं हैं, उन्हें भी ऐसे विद्यार्थी-नेतृत्व वाले पर्यावरण समूह स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, ताकि उनके परिसरों में पर्यावरण संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी पहलों में निरंतर भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
प्रथम चरण का समापन दो सप्ताह की स्कूल-स्तरीय संग्रहण चैंपियनशिप के साथ होगा, जिसके बाद एकत्रित सामग्री का संग्रहण और मात्रा निर्धारण किया जाएगा। इसके पश्चात दूसरे चरण में कार्यक्रम को स्कूलों के एक अन्य समूह तक विस्तारित किया जाएगा, जिसका तत्काल उद्देश्य पटियाला के लगभग 50 स्कूलों को इसमें शामिल करना है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को 10 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले पीपीसीबी के राज्य स्तरीय प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन सम्मेलन में सम्मानित किया जाएगा। पटियाला में संचालित यह स्कूल कार्यक्रम पंजाब भर में व्यापक स्तर पर दोहराए जाने योग्य एक मॉडल के रूप में भी प्रस्तुत किया जाएगा।

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर पीपीसीबी की अध्यक्ष सुश्री रीना गुप्ता ने कहा: “हम चाहते हैं कि यह केवल एक प्रतियोगिता या दो सप्ताह का संग्रहण अभियान बनकर न रह जाए। यह एक प्रमुख मॉडल पहल है, जिसके माध्यम से हम यह प्रदर्शित करना चाहते हैं कि सार्थक पर्यावरणीय व्यवहार में बदलाव की शुरुआत हमारे स्कूलों से हो सकती है। आज भाग लेने वाले विद्यार्थियों और स्कूलों के उत्साह से मैं अत्यंत प्रोत्साहित हूं और मेरा विश्वास है कि यदि पटियाला के बच्चे इस कार्यक्रम को सफल बनाते हैं, तो यह अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।”
शुभारंभ कार्यक्रम में महाराष्ट्र की सफाई बैंक पहल से जुड़े और उसके प्रारंभिक नेतृत्व में योगदान देने वाले श्री ऋषि अग्रवाल भी शामिल हुए। इसी पहल से वर्तमान स्कूल-आधारित मॉडल को प्रेरणा मिली है। कार्यक्रम में सुश्री दमनजोत कौर, युवा पर्यावरणविद् एवं कंटेंट क्रिएटर, ने भी भाग लिया, जो स्थिरता, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और पुनर्चक्रण के क्षेत्र में व्यापक रूप से कार्य कर रही हैं। दोनों वक्ताओं ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के व्यावहारिक अनुभव साझा किए। पंजाब भर के स्कूलों के लिए पीपीसीबी का संदेश स्पष्ट है: प्लास्टिक चैंपियंस आंदोलन की शुरुआत पटियाला से हो चुकी है और इसमें शामिल होने के लिए अनेक और स्कूलों का स्वागत है।






