Thursday, September 3, 2026
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कृषि विज्ञान केंद्र ने गांव चट्ठे सेखवां में पराली प्रबंधन को लेकर जागरूकता कैंप लगाया

संगरूर, 3 सितंबर, 2026 (अमनदीप सरां): धान की पराली के उचित प्रबंधन को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र, संगरूर की ओर से गांव चट्ठे सेखवां, ब्लॉक संगरूर में एक दिवसीय किसान जागरूकता कैंप आयोजित किया गया। कैंप में ग्राम पंचायत सहित करीब 80 किसानों ने भाग लिया।

इस अवसर पर डॉ. मनदीप सिंह, प्रभारी, पीएयू-कृषि विज्ञान केंद्र, संगरूर ने किसानों को धान की पराली को खेत में ही संभालकर गेहूं की बुवाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पराली जलाने से पर्यावरण, मिट्टी और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने खेत में पराली प्रबंधन से होने वाले लाभ और मिट्टी की सेहत में सुधार के बारे में भी बताया।

उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से किसानों के लिए आयोजित किए जा रहे व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों, मिट्टी-पानी जांच सेवाओं, सीआरएम मशीनरी बैंक तथा विभिन्न फसलों के तैयार किए जा रहे बीजों के बारे में भी जानकारी दी।

डॉ. सुनील कुमार, सहायक प्रोफेसर (फार्म मशीनरी) ने किसानों को पराली को खेत में ही संभालकर गेहूं की बुवाई के लिए उपलब्ध कृषि मशीनरी और उसके उचित उपयोग के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने किसानों से पराली को खेत से बाहर निकालकर गेहूं की बुवाई करने से बचने की अपील की।

डॉ. रुकिंदरप्रीत सिंह, सहायक प्रोफेसर (फसल विज्ञान) ने धान की फसल में आने वाली समस्याओं, जैसे बौना रोग, ब्राउन प्लांट हॉपर, झंडा रोग, हल्दी रोग और अन्य बीमारियों की रोकथाम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों को धान में पोटाशियम नाइट्रेट (13:0:45) के उपयोग के फायदे बताते हुए इसके छिड़काव की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जब धान गोभ में आए तो 1.5 प्रतिशत पोटाशियम नाइट्रेट (3 किलो पोटाशियम नाइट्रेट प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में) का छिड़काव किया जाए।

डॉ. रविंदर कौर, एसोसिएट प्रोफेसर (बागवानी) ने किसानों को सर्दियों के मौसम में घरेलू सब्जी बगीचा लगाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित सब्जियों की विभिन्न किस्मों के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा कृषि विज्ञान केंद्र, संगरूर की ओर से किसानों के लिए तैयार की जाने वाली सब्जियों की पौध के संबंध में भी जानकारी साझा की।

कैंप के अंत में किसानों के सवालों के जवाब दिए गए और उन्हें विश्वविद्यालय द्वारा तैयार सर्दियों की सब्जियों के बीजों की किटें उपलब्ध करवाई गईं।

कैंप में गांव के सरपंच दर्शन सिंह, पंचायत सदस्य गुरदीप सिंह, परमजीत शर्मा, नंबरदार और पूर्व सरपंच निर्वैर सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र, संगरूर की टीम का तहेदिल से धन्यवाद किया।

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