संगरूर, 4 सितंबर, 2026 (प्रभजोत सिंह): पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, लुधियाना के निदेशालय प्रसार शिक्षा और निदेशक, आई.सी.ए.आर.-अटारी, जोन-1, लुधियाना के नेतृत्व में कृषि विज्ञान केंद्र, संगरूर द्वारा किसानों एवं ग्रामीण युवाओं के लिए “बीज उत्पादन – एक उद्यम के रूप में” विषय पर पांच दिवसीय व्यवसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 19 किसानों ने भाग लिया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को अतिरिक्त आय एवं रोजगार के साधन उपलब्ध करवाना था।
प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र के दौरान डॉ. मनदीप सिंह, इंचार्ज, पी.ए.यू.-कृषि विज्ञान केंद्र, संगरूर ने भाग लेने वाले किसानों का गर्मजोशी से स्वागत किया और कृषि में सहायक व्यवसाय के रूप में बीज उत्पादन के दायरे एवं महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने केंद्र द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले व्यवसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों एवं अन्य प्रसार गतिविधियों के बारे में भी जानकारी दी।

इस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के समन्वयक डॉ. रुकिंदर प्रीत सिंह धालीवाल, सहायक प्रोफेसर (एग्रोनॉमी) ने प्रशिक्षार्थियों को धान, गेहूं, मक्का, मूंग एवं आलू की फसलों के बीज उत्पादन के लिए वैज्ञानिक तकनीकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने उच्च गुणवत्ता वाले बीज उत्पादन के लिए अच्छे बीज स्रोत की महत्ता, फसलों एवं किस्मों के बीच उचित दूरी, खरपतवार एवं रोगग्रस्त पौधों की रोगिंग तथा विभिन्न फसलों के बीजों के भंडारण के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की। बीजों से फैलने वाली बीमारियों के प्रबंधन के बारे में भी किसानों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
डॉ. रविंदर कौर, एसोसिएट प्रोफेसर (सब्जी विज्ञान) ने सब्जियों के बीज उत्पादन की तकनीकों पर चर्चा की और सब्जियों के बीज उत्पादन की अर्थव्यवस्था के बारे में भी जानकारी साझा की।
श्री दमनप्रीत सिंह, कृषि विकास अधिकारी (बीज), संगरूर ने किसानों को “बीज अधिनियम 1966” के प्रावधानों से अवगत करवाया। उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पंजाब से बीज उत्पादक एवं बीज विक्रेता का लाइसेंस प्राप्त करने संबंधी जानकारी और प्रक्रिया भी साझा की।
डॉ. बूटा सिंह रोमाणा, निदेशक, अकाल सीड फार्म, मस्तुआना साहिब ने बीज उत्पादन के अपने व्यापक अनुभव को प्रशिक्षण में भाग लेने वाले किसानों के साथ साझा किया। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन के लिए बीज ग्रेडिंग के महत्व तथा बीज ग्रेडिंग के विभिन्न चरणों के बारे में भी जानकारी दी।
प्रशिक्षार्थियों का अकाल सीड फार्म, मस्तुआना साहिब तथा क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, खेड़ी का शैक्षणिक दौरा भी करवाया गया। इस दौरान उन्होंने बीज उत्पादन के व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक पहलुओं के बारे में व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया।






