शाहबाद, 5 सितंबर,2026 (संजीव शर्मा): मार्किट कमेटी शाहबाद के चेयरमैन कर्ण राज सिंह तूर ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चला रही है, जैसे भावांतर भरपाई योजना, मेरी फसल मेरा ब्यौरा, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, फसल बीमा योजना आदि चलाई जा रही है, लेकिन कई बार जानकारी के अभाव में किसान इन योजनाओं का पूरा लाभ नहीं ले पाते। इसी को ध्यान में रखते हुए इस किसान जागरूकता अभियान का आयोजन किया जा रहा है।
अहम पहलू यह है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार ने प्रदेश में किसानों के लिए अनेक लाभकारी योजनाएं लागू की हैं। इन योजनाओं का सीधा लाभ किसानों तक पहुंच रहा है। सरकार की योजनाओं का लाभ पाने के लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है।
मार्केट कमेटी चेयरमैन कर्ण राज सिंह तूर शनिवार को शाहबाद में मार्केट कमेटी द्वारा आयोजित किसान जागरूकता शिविर में बोल रहे थे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी देना और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान करना है। उन्होंने कहा कि अलग अलग स्थानों पर ऐसे शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में आने वाली समस्याओं, परेशानियों और दिक्कतों को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक पहुंचाकर हल करवाया जाएगा।
उन्होंने कार्यक्रम में खरीफ सीजन 2026 के दौरान सुचारू खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित करने, किसानों को सरकारी योजनाओं व मानकों की जानकारी दी। शिविर में किसानों को धान व अन्य खरीफ फसलों की फेयर एवरेज क्वालिटी मानकों, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, इलेक्ट्रॉनिक तौल और मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रदेश सरकार किसानों की सभी 24 फसलों की खरीद एमएसपी पर कर रही है। हरियाणा प्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य है। इसके साथ ही फसल खरीद करने के साथ-साथ ही भुगतान की भी समय सीमा निर्धारित की गई है।
चेयरमैन कर्ण राज सिंह तूर ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने धान खरीद के सीजन में किसानों की सुविधा के लिए सभी तैयारियों को समय पर पूरा करने का आदेश दिया है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत सीजन के दौरान न रहे। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि धान व अन्य खरीफ फसलें निर्धारित मानकों के अनुसार ही मंडी में लाएं। फसल को अच्छी तरह सुखाकर लाएं। फसल बिक्री के लिए किसान या उसके अधिकृत प्रतिनिधि का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य है। इसके साथ ही तौल कार्य केवल इलेक्ट्रॉनिक वेइंग स्केल के माध्यम से ही होगा। उन्होंने कहा कि किसान अपने साथ पंजीकरण विवरण, पहचान पत्र व बैंक पासबुक अवश्य लेकर आएं। किसान यह सुनिश्चित करें कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर दर्ज बैंक खाते का नाम वही हो। नाम में भिन्नता होने पर भुगतान में देरी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि मंडी में प्रवेश के समय वाहन का फोटोग्राफ लिया जाएगा। किसान मंडी प्रशासन व खरीद एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें। प्रशासन का उद्देश्य है कि किसान को उसकी फसल का उचित मूल्य समय पर मिले। इसके लिए मंडी में सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। किसानों से अपील की गई कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सरकारी निर्देशों के अनुसार ही फसल बेचें।






