Sunday, September 6, 2026
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पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में 79 शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

पंचकूला, 6 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र से उच्चतर शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और प्रौद्योगिकी शिक्षा से जुड़े शिक्षकों को भी राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। वर्तमान में यह पुरस्कार केवल स्कूली शिक्षा से जुड़े शिक्षकों को ही दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सभी शिक्षकों को प्रोत्साहित करना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने यह घोषणा शनिवार को पंचकूला में आयोजित राज्य शिक्षक सम्मान समारोह में विशेष अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए की।

समारोह में मुख्य अतिथि हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष, राज्यपाल की धर्मपत्नी श्रीमती मित्रा घोष और शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 79 शिक्षकों को सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों को शॉल, मेडल, प्रमाण-पत्र, एक-एक लाख रुपये की सम्मान राशि और दो अग्रिम वेतन वृद्धि प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह समारोह शिक्षा के प्रति शिक्षकों के समर्पण और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आज महान शिक्षक और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन भी है, जिन्होंने अपना जन्मदिन शिक्षकों को समर्पित कर दिया था। इसी कारण उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। वे महान दार्शनिक, आदर्श शिक्षक और कुशल राजनेता थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान हमेशा सर्वोच्च रहा है। गुरु वह है, जो बच्चों के भीतर छिपी संभावनाओं को पहचानता है। माता-पिता बच्चे को जन्म देते हैं, लेकिन शिक्षक उसके व्यक्तित्व को आकार देता है। वह बच्चे को केवल परीक्षा में उत्तीर्ण होने योग्य नहीं बनाता, बल्कि जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाता है।

श्री नायब सिंह सैनी ने सम्मानित शिक्षकों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रत्येक शिक्षक की अपनी ऐसी कोई कहानी होगी। किसी ने स्कूल छोड़ चुके बच्चे को दोबारा कक्षा तक पहुंचाया होगा। किसी ने अपनी जेब से विद्यार्थी के लिए किताब खरीदी होगी। किसी ने छुट्टी के बाद पढ़ाई में कमजोर बच्चे को अतिरिक्त समय दिया होगा। किसी ने बेटी के माता-पिता को समझाकर उसकी पढ़ाई जारी रखवाई होगी। किसी ने विज्ञान प्रयोगशाला न होने पर स्थानीय वस्तुओं से मॉडल बनाया होगा और किसी ने विद्यार्थी की आंखों की उदासी को पढ़कर उसे गलत रास्ते पर जाने से बचाया होगा।

उन्होंने कहा कि पुरस्कार प्राप्त करने के लिए शिक्षक भले ही आज मंच पर आए हैं, लेकिन उनका पुरस्कार उसी दिन तय हो गया था, जिस दिन किसी बच्चे ने उनसे कहा होगा—“गुरु जी, आपने मेरा जीवन बदल दिया।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समय तेजी से बदल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, डिजिटल तकनीक और इंटरनेट ने ज्ञान के अनगिनत द्वार खोल दिए हैं। बच्चे एक क्लिक पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन जानकारी और ज्ञान में अंतर होता है। मशीन सूचना दे सकती है, लेकिन संस्कार नहीं दे सकती। एआई पाठ तैयार कर सकती है, लेकिन किसी निराश बच्चे के कंधे पर हाथ रखकर उसमें विश्वास नहीं जगा सकती। यह कार्य केवल शिक्षक ही कर सकता है।

उन्होंने कहा कि तकनीक के युग में शिक्षक की भूमिका कम नहीं हुई है, बल्कि और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। इसी बात को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी समझा है। उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाकर शिक्षा को रटने की प्रवृत्ति से निकालकर समझ, कौशल, नवाचार और भारतीय मूल्यों से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त किया है। अब शिक्षा का लक्ष्य डिग्री के साथ योग्य, आत्मनिर्भर, संवेदनशील और राष्ट्रनिष्ठ नागरिक तैयार करना है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में भी इसी दृष्टिकोण से शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार किए जा रहे हैं। सरकार मानती है कि शिक्षा पर खर्च होने वाला प्रत्येक रुपया बच्चों और प्रदेश के भविष्य में किया गया निवेश है। इसी के चलते चालू वित्त वर्ष के लिए स्कूली शिक्षा का बजट बढ़ाकर 18,538 करोड़ रुपये किया गया है, जबकि वर्ष 2014-15 में यह केवल 8,400 करोड़ रुपये था।

प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए मॉडल संस्कृति स्कूलों की संख्या 218 की गई है। इसके साथ ही 251 पीएम श्री स्कूल विकसित किए गए हैं और इस वर्ष 250 स्कूलों को सीएम-ईईई स्कूलों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन स्कूलों में हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों के विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे।

इसी प्रकार बच्चों को उनके घर के नजदीक बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए 719 शानदार स्कूल खोले गए हैं। पढ़ाई के साथ बच्चों को खेलों के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 3,328 स्कूलों में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। इसके लिए प्रत्येक स्कूल को एक लाख रुपये दिए जा रहे हैं। साथ ही प्रत्येक जिले में एक स्कूल को उत्कृष्ट खेल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में नवाचार, विज्ञान और आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। अटल टिंकरिंग लैब तथा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित आधारित प्रयोगशालाओं के माध्यम से बच्चों को रोबोटिक्स, थ्री-डी प्रिंटिंग, कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑगमेंटेड रियलिटी जैसी तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है।

गणित में बच्चों की रुचि बढ़ाने के लिए हरियाणा गणित ओलंपियाड शुरू किया गया है। विद्यार्थियों को इसरो और डीआरडीओ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का दौरा भी करवाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए ‘कौशल बिजनेस चैलेंज’ शुरू किया है। इसके माध्यम से विद्यार्थी अपने नए विचारों को विकसित कर उन्हें स्टार्टअप का रूप दे सकते हैं। चयनित 67 टीमों को एक-एक लाख रुपये तक की प्रारंभिक सहायता दी जा रही है।

इसके अलावा एक स्कूल को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन स्किल एजुकेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थी आधुनिक कौशल सीख सकें। सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली बच्चों के लिए ‘सुपर-100’ और ‘बुनियाद’ कार्यक्रमों को भी और मजबूत किया गया है। सुपर-100 की सीटें 400 से बढ़ाकर 500 कर दी गई हैं और बुनियाद कार्यक्रम के लिए दो नए आवासीय केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उन्हें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि वर्ष 2026 में सुपर-100 के 38 विद्यार्थी आईआईटी और 44 विद्यार्थी एनआईटी में पहुंचे हैं। इसके अलावा कई विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास करके एमबीबीएस में प्रवेश प्राप्त किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों के कल्याण के लिए भी लगातार कार्य कर रही है। शिक्षक स्थानांतरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए नींव शिक्षक स्थानांतरण नीति लागू की गई है। शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए सीपीडी फ्रेमवर्क तैयार किया गया है, जिसे विशेषज्ञ संस्थानों के सहयोग से विकसित किया गया है।

निपुण हरियाणा के तहत शिक्षकों के दो प्रशिक्षण चरण पूरे हो चुके हैं और अगले महीने लगभग 32 हजार पीआरटी शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की योजना है।

गुरु विद्यार्थियों के चरित्र का निर्माता ही नहीं, बल्कि जीवन का मार्गदर्शक है : शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा

इससे पहले हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने संबोधित करते हुए कहा कि गुरुजनों के लिए शिक्षक दिवस केवल पुरस्कार वितरण का औपचारिक समारोह नहीं है। यह दिन हमारी महान भारतीय गुरु-परंपरा को याद करने का अवसर है, जिसने सदियों से देश की नींव को मजबूत किया है।

उन्होंने कहा कि हमारे शास्त्रों और संस्कृति में गुरु को केवल ज्ञान देने वाली इकाई नहीं माना गया है। गुरु चरित्र का निर्माता और जीवन का मार्गदर्शक है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जैसे महान शिक्षक का देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि भारत में शिक्षक के योगदान को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है।

उन्होंने कहा कि एक दशक पहले हरियाणा में बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम लगभग 40 प्रतिशत रहता था, जबकि आज यही परिणाम बढ़कर लगभग 90 प्रतिशत के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गया है। यह उपलब्धि कागजों पर नहीं हुई है। इसके पीछे शिक्षकों की अतिरिक्त कक्षाएं, कमजोर बच्चों को दी गई व्यक्तिगत सहायता, अथक प्रयास और अभिभावकों के साथ बनाया गया विश्वास है।

मंत्री ने कहा कि आज हरियाणा शिक्षा के हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री के ऐलान के अनुसार इसे पांचवीं कक्षा तक बढ़ाया गया है। बालवाटिका से लेकर कक्षा 3 और कक्षा 4 तक के बच्चों का ‘निपुण हरियाणा टीचर ऐप’ के माध्यम से डिजिटल मूल्यांकन किया जा रहा है। बच्चों के लिए 10 करोड़ रुपये की लागत से मुफ्त स्टेशनरी, वर्दी और बैग उपलब्ध करवाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि स्कूलों के सही मूल्यांकन के लिए 160 मानकों वाला सिस्टम लागू किया गया है। सभी स्कूलों में ड्यूल डेस्क और आधुनिक कक्षाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। 250 सीएम श्री, पीएम श्री और संस्कृति मॉडल स्कूलों को मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

विश्व अवसर और कौशल

बच्चों को वैश्विक अवसरों से जोड़ने के लिए 26 स्कूलों में फ्रेंच और जर्मन भाषाएं शुरू की गई हैं। हरियाणा के विद्यार्थी इसरो का दौरा कर रहे हैं और भविष्य में उन्हें फ्रांस और जर्मनी के शैक्षणिक दौरों पर भी भेजा जाएगा।

उन्होंने कहा कि ‘सुपर-100’ की सीटें 400 से बढ़ाकर 500 कर दी गई हैं। मिशन बुनियाद, 2,238 स्किल लैब, इंटरनेट और स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से हरियाणा के बच्चों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। मेवात कैडर में 1,200 नए पीआरटी शिक्षकों की नियुक्ति से शिक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिली है।

इस अवसर पर मेयर श्री श्याम लाल बंसल, स्कूली शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, सेकेंडरी शिक्षा के महानिदेशक श्री जितेंद्र कुमार, उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री अजय मित्तल, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रेय, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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