कुरुक्षेत्र, 8 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के प्रति जवाबदेही सुशासन की आधारशिला है। सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी बेहद जरूरी है। यह टिप्पणी हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने की। वे पंचायत भवन सभागार, कुरुक्षेत्र में आयोजित सामाजिक अंकेक्षण विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। संसाधन व्यक्ति जसविंदर सिंह सैनी तथा खंड संसाधन व्यक्ति रणधीर सिंह ने डॉ. चौहान का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। डॉ. चौहान ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
डॉ. डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया, उसकी कार्यप्रणाली तथा विभिन्न स्तरों पर इसकी प्रभावी भूमिका को गहराई से समझें। इसके साथ ही वे सामाजिक अंकेक्षण के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं, अभिलेखों के परीक्षण, विकास कार्यों के सत्यापन तथा जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न पहलुओं की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव का उपयोग प्रतिभागी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी ढंग से करें, ताकि ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता को और अधिक मजबूत किया जा सके।

डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण केवल सरकारी योजनाओं के कार्यों और खर्चों की जांच तक सीमित प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति को धरातल पर समझने तथा लाभार्थियों और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया, उसकी कार्यप्रणाली तथा विभिन्न स्तरों पर इसकी प्रभावी भूमिका को समझें और प्राप्त ज्ञान का उपयोग अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर तरीके से करें।
संसाधन व्यक्ति जसविंदर सिंह सैनी ने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण का मुख्य उद्देश्य विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना है। खंड संसाधन व्यक्ति रणधीर सिंह ने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके माध्यम से विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा योजनाओं से संबंधित अभिलेखों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सकता है। इस अवसर पर कृष्ण कुमार, सुनील कुमार, पूजा रानी, सरिता रानी सहित अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे। पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सामाजिक अंकेक्षण की अवधारणा, उद्देश्य एवं प्रक्रिया के साथ-साथ ग्रामीण विकास से संबंधित विभिन्न योजनाओं में इसकी भूमिका के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की जाएगी।






