गुरु चरणों में लीन हुई साधारण पर महान आत्मा — पूरे पंथक और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर
पटियाला, 10 सितंबर,2026 (गुरमीत सिंह तुंग): पटियाला शहर आज एक ऐसी शख्सियत के निधन पर शोकमग्न नजर आया, जिन्होंने अपना पूरा जीवन गुरु की भक्ति, विनम्रता और सेवा-भावना को समर्पित कर दिया। चढ़दीकला ग्रुप के चेयरमैन पद्मश्री डॉ. जगजीत सिंह दरदी और अदारा शहीद-ए-आजम के चेयरमैन चौधरी प्रभजीत सिंह की सम्मानित बहन तथा हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के ओएसडी डॉ. प्रभलीन सिंह की सम्मानित माता श्रीमती इंद्रजीत कौर हैरी (पत्नी स्व. हरमिंदर सिंह हैरी) ने बीते दिन 9 सितंबर 2026 को तड़के इस नश्वर संसार को सदा के लिए अलविदा कह दिया। उनके निधन की खबर फैलते ही पंजाब और हरियाणा के धार्मिक, राजनीतिक एवं सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई।
उसी दिन पटियाला के राजपुरा रोड स्थित वीर जी की मढ़ियां में पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ श्रीमती इंद्रजीत कौर हैरी का अंतिम संस्कार किया गया। इस भावुक अवसर पर उनके पुत्र डॉ. प्रभलीन सिंह ने भारी मन से माता जी के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। वहीं गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब के हैड ग्रंथी ज्ञानी प्रणाम सिंह ने अरदास कर दिवंगत आत्मा की शाश्वत शांति के लिए प्रार्थना की।
प्रभु-भक्ति और नितनेम को समर्पित रही पूरी जिंदगी
अंतिम संस्कार के अवसर पर भावुक हुए पद्मश्री डॉ. जगजीत सिंह दरदी ने अपनी बहन को याद करते हुए कहा कि श्रीमती इंद्रजीत कौर शुरू से ही परमात्मा के चरणों से जुड़ी हुई थीं और गुरु की बाणी में उनका अटूट विश्वास था। उन्होंने बताया कि बहन जी सुबह-शाम गुरबाणी के पाठ में इस कदर लीन रहती थीं कि नितनेम उनके दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका था।
गुरु की शरण में रहते हुए वह हमेशा “सरबत के भले” की अरदास करती थीं। यही उनके जीवन का मूल मंत्र और जीवन-जाच का सार था।
डॉ. दरदी ने आगे बताया कि कुछ समय पहले अचानक बहन जी का स्वास्थ्य खराब हो गया था, जिसके बाद वह लगातार अस्वस्थ चल रही थीं। बीमारी के दौरान कुछ समय तक वह कोमा की अवस्था में भी रहीं और शारीरिक रूप से काफी कमजोर हो गई थीं। इसी लंबी बीमारी के चलते 9 सितंबर की तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली और हमेशा के लिए अपने परिवार, स्नेहियों तथा श्रद्धालुओं को शोक में छोड़ गईं।
धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों की नामवर शख्सियतों ने दी श्रद्धांजलि
अंतिम संस्कार समारोह में पंजाब, हरियाणा सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में पंथक शख्सियतें, राजनीतिक नेता और सामाजिक कार्यकर्ता पहुंचे। इससे श्रीमती इंद्रजीत कौर हैरी के परिवार के व्यापक स्नेह-संबंधों और समाज में उनकी गहरी प्रतिष्ठा का स्पष्ट प्रमाण मिला।
इस अवसर पर विशेष रूप से पंजाब सरकार की ओर से शिक्षा मंत्री श्री हरजोत सिंह बैंस और कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह पहुंचे तथा परिवार के साथ दुख साझा किया।
हरियाणा की ओर से जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल सहित हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के सभी सदस्य और नेता भी विशेष रूप से पटियाला पहुंचे।
इसके अलावा विधायक अजीतपाल सिंह कोहली, हरियाणा के मुख्यमंत्री के ओएसडी पवन चौधरी, हरिंदरपाल सिंह टोहड़ा, सतवीर सिंह खटड़ा, चढ़दीकला चंडीगढ़ के डायरेक्टर हरप्रीत सिंह दरदी, अमृतपाल सिंह, पूर्व चेयरमैन तेजिंदरपाल सिंह संधू, जत्थेदार इंद्रमोहन सिंह बिट्टी, चरनजीत सिंह ग्रोवर, गुरजीत सिंह कोहली और करनवीर सिंह टोहड़ा (नाभा से विधायक) सहित कई अन्य नेता भी इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े नजर आए।
इतना ही नहीं, संपूर्ण हरियाणा मंत्रिमंडल के साथ-साथ मौजूदा हरियाणा सरकार के सभी विधायकों, विभिन्न बोर्डों एवं कॉरपोरेशनों के चेयरमैनों तथा प्रतिनिधियों ने भी फोन के माध्यम से डॉ. प्रभलीन सिंह से संपर्क कर अपना दुख साझा किया और परिवार को हौसला दिया।
इस दौरान चढ़दीकला अदारें का समूचा स्टाफ भी अपने चेयरमैन के परिवार के साथ इस दुख की घड़ी में कंधे से कंधा मिलाकर उपस्थित रहा, जो अदारें के पारिवारिक रिश्ते और आपसी अपनत्व की मिसाल बना।
एक प्रेरणादायक विरासत
श्रीमती इंद्रजीत कौर हैरी का जीवन गुरसिखी जीवन-जाच, विनम्रता और नितनेम की एक जीवंत मिसाल रहा। परिवार और समाज में उनकी धार्मिक लगन तथा सादगीपूर्ण शख्सियत को हमेशा याद रखा जाएगा।
उनके निधन से परिवार के साथ-साथ पूरे पंथक हलके को एक ऐसा अपूरणीय नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
अंतिम अरदास की जानकारी
स्वर्गीय श्रीमती इंद्रजीत कौर हैरी की अंतिम अरदास रविवार, 13 सितंबर को दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक गुरुद्वारा मोती बाग साहिब, पटियाला में होगी।
समस्त स्नेहियों, श्रद्धालुओं और परिवार के सदस्यों से इस भोग समागम में शामिल होकर दिवंगत आत्मा की शाश्वत शांति के लिए अरदास करने की अपील की गई है।
परिवार की इस दुख की घड़ी में समूचा स्टाफ और शुभचिंतक श्रीमती इंद्रजीत कौर हैरी को दिल से श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और परमात्मा के समक्ष अरदास करते हैं कि दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में निवास प्रदान करें तथा परिवार को यह अपार दुख सहने की शक्ति दें।







