इंटरनेशनल डेस्क, 15 सितंबर, 2026 (शहीद-ए-आज़म ब्यूरो): केनैडा के आव्रजन (इमीग्रेशन) विभाग ने विदेशी छात्रों और श्रमिकों को चेतावनी दी है कि केवल वैध वर्क परमिट होना ही काफी नहीं है; परमिट पर दर्ज हर शर्त का पालन करना अनिवार्य है। नियोक्ता (मालिक), काम का प्रकार या कार्यस्थल बदलने से पहले नियमों की जांच करना आवश्यक है। समय पर विस्तार (एक्स्टेंशन) आवेदन जमा करने से निर्णय आने तक कनाडा में रहने की स्थिति बनी रहती है।
केनैडा में स्टडी परमिट धारकों की संख्या 2024 के 9.3 लाख से घटकर 2025 में लगभग 6.9 लाख रह गई। 2026 में अधिकतम 4.1 लाख स्टडी परमिट जारी करने का लक्ष्य है। विदेशी श्रमिकों के लिए भी नियंत्रण बढ़ा है—2024 में लगभग 3.9 लाख नए वर्क परमिट धारकों के मुकाबले 2025 में करीब 2.1 लाख रहे और जनवरी-जून 2026 में लगभग 98 हजार रहे।
सरकार का लक्ष्य 2027 के अंत तक अस्थायी निवासियों की संख्या कुल आबादी के 5 प्रतिशत से नीचे लाना है। इसी बीच, 1 अप्रैल 2026 से योग्य उच्च शिक्षा संस्थानों के छात्रों को कुछ अनिवार्य प्रशिक्षण/इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग के लिए अलग से ट्रेनिंग वर्क परमिट की आवश्यकता नहीं रहेगी। कनाडा की नीति का स्पष्ट संदेश है—कम संख्या, अधिक जांच और नियमों का सख्त पालन। पंजाबी छात्रों और श्रमिकों को नौकरी या स्टेटस बदलने से पहले सरकारी इमीग्रेशन नियमों की पुष्टि कर लेनी चाहिए।






