नई दिल्ली, 19 सितंबर 2026 (शहीद-ए-आज़म ब्यूरो): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत की युवा शक्ति देश के तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि भारत की स्टार्टअप कहानी अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों के युवा भी नई अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
पीएम मोदी ने यह बात 20वें रोजगार मेले के दौरान कही, जहां उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों में नवनियुक्त युवाओं को 51,000 से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए। यह रोजगार मेला देशभर के 45 स्थानों पर आयोजित किया गया।
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है और लगभग आधे मान्यता प्राप्त स्टार्टअप अब टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित हैं। उनके अनुसार, यह बदलाव दर्शाता है कि गांवों, कस्बों और छोटे शहरों के युवा भी नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे आ रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत के बाद डी.पी.आई.आई.टी. द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या 2 लाख से अधिक हो चुकी है। जून 2026 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा था कि भारत में करीब 2.3 लाख स्टार्टअप हैं और इनसे लगभग 24–25 लाख रोजगार पैदा हुए हैं।
इसी दिशा में केंद्र सरकार ने फरवरी 2026 में स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 के लिए ₹10,000 करोड़ के कॉर्पस को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य डीप-टेक, प्रौद्योगिकी आधारित विनिर्माण और शुरुआती विकास चरण वाले स्टार्टअप के लिए वेंचर कैपिटल उपलब्ध कराना है।
पीएम मोदी ने युवाओं की भूमिका को केवल स्टार्टअप तक सीमित नहीं बताया, बल्कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, विनिर्माण, ड्रोन और अन्य उभरते क्षेत्रों में भी उनकी बढ़ती भागीदारी को रेखांकित किया।






