पटियाला, 20 सितंबर, 2026 (बलजीत सरना): पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन जतिंदर सिंह शंटी ने रविवार को पटियाला में रेड क्रॉस नशा मुक्ति केंद्र का अचानक निरीक्षण किया और केंद्र में बुनियादी सुविधाओं तथा साफ-सफाई का जायजा लिया। शंटी ने केंद्र में भर्ती मरीजों से बातचीत की और उन्हें मिल रहे भोजन, काउंसलिंग, उपचार, व्यायाम तथा खेल गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति केंद्रों में उपचार करा रहे लोगों के मानवाधिकारों और उपलब्ध सुविधाओं की नियमित निगरानी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि केंद्र में करीब 35 मरीज भर्ती थे। शंटी के अनुसार, निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी कमी साफ-सफाई और शौचालयों की संख्या को लेकर सामने आई। उन्होंने कहा कि करीब 35 मरीजों के लिए केवल एक ही शौचालय था और उसकी सीटें भी टूटी हुई थीं। उन्होंने कहा कि केंद्र में साफ-सफाई में सुधार की जरूरत है और आयोग इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट एवं सुझाव भेजेगा।
शंटी ने बताया कि मरीजों से बातचीत के दौरान उनके नशे की ओर जाने के कारणों और उन्हें नशा कहां से मिला, इसकी जानकारी भी जुटाई गई। उन्होंने बताया कि केंद्र में एक 16 वर्षीय किशोर भी मिला, जिसने कथित तौर पर 14 वर्ष की उम्र में नशे का सेवन शुरू किया था और अब नशा छोड़ने के लिए उपचार करा रहा है।
उन्होंने कहा कि मरीजों को केवल कमरों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें काउंसलिंग, व्यायाम और खेल गतिविधियों में शामिल करना जरूरी है, ताकि वे सामान्य जीवन में वापस लौट सकें। शंटी ने दावा किया कि कुछ मरीजों ने लुधियाना के एक इलाके से नशा प्राप्त करने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्राप्त जानकारी को रिपोर्ट में शामिल कर संबंधित पुलिस अधिकारियों को भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों में चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। जिला उपायुक्तों से केंद्रों की सूची मांगी गई है और बिना लाइसेंस संचालित होने वाले या नियमों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन ने कहा कि मानवाधिकारों के नाम पर अनधिकृत रूप से काम करने वाले संगठनों के बारे में भी जानकारी एकत्र की जा रही है। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों के उल्लंघन से संबंधित शिकायतों पर नियमों के अनुसार कार्रवाई करने के लिए आयोग के पास एक निर्धारित व्यवस्था है।
शंटी ने जनता से नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री से संबंधित जानकारी साझा करने की अपील की और आयोग का संपर्क नंबर 9855475547 जारी किया। उन्होंने कहा कि जो युवा स्वेच्छा से नशा छोड़ने के लिए नशा मुक्ति केंद्रों में जाते हैं, उन्हें प्रोत्साहित करने और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।
उन्होंने आगे कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ उपचार, काउंसलिंग और पुनर्वास पर भी ध्यान केंद्रित करना जरूरी है।






