पटियाला, 24 सितंबर, 2026 (हर्षलीन सिंह): त्योहारों के मद्देनजर लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग, पटियाला द्वारा जिले में जांच, सैंपलिंग और प्रवर्तन अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। इस दौरान विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी खाद्य पदार्थ को केवल संदेह, उसके स्वरूप, सुनी-सुनाई बात या अप्रमाणित जानकारी के आधार पर मिलावटी नहीं कहा जा सकता। किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या निर्धारित मानकों के उल्लंघन की पुष्टि निर्धारित वैज्ञानिक जांच और, जहां आवश्यक हो, अधिकृत खाद्य प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर ही की जाती है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गुरप्रीत कौर ने बताया कि पिछले सप्ताह के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा मिठाइयां, बेकरी उत्पाद तथा अन्य खाद्य पदार्थ तैयार करने, बनाने और बेचने वाली विभिन्न इकाइयों की विशेष जांच की गई। जांच के दौरान पाई गई कमियों को दर्ज करते हुए 15 इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किए गए, जबकि अस्वच्छ परिस्थितियां पाए जाने पर एक यूनिट का चालान भी किया गया। संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटरों को निर्धारित समय के भीतर कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 तथा इसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. गुरप्रीत कौर ने बताया कि सितंबर माह के दौरान अब तक कुल 38 प्रवर्तन सैंपल लिए गए हैं, जिनमें से 20 सैंपल खोया, पनीर तथा अन्य दूध एवं दुग्ध उत्पादों के हैं। ये सैंपल मिलावट की जांच और निर्धारित खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों के अनुपालन की पुष्टि के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद, जहां भी उल्लंघन साबित होगा, वहां कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि 23 सितंबर 2026 को खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा शंभू बॉर्डर पर एक वाहन को रोककर लगभग 547 किलोग्राम पनीर कब्जे में लिया गया, जिसकी सुरक्षा और गुणवत्ता की पुष्टि आवश्यक थी। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इसके सैंपल लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि इस पनीर की अंतिम स्थिति प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर ही निर्धारित की जाएगी।

डॉ. गुरप्रीत कौर ने कहा कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य एवं हितों की रक्षा के लिए विभाग द्वारा जांच और सैंपलिंग अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा, विशेष रूप से त्योहारों के मौसम के दौरान। उन्होंने फूड बिजनेस ऑपरेटरों से स्वच्छता, भंडारण, खाद्य पदार्थों की तैयारी और बिक्री से संबंधित निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने की अपील की।
उन्होंने मीडिया और आम लोगों से भी अपील की कि खाद्य पदार्थों के संबंध में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले प्रमाणित जांच और प्रयोगशाला रिपोर्टों पर भरोसा किया जाए। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक जांच के बिना किए गए दावे उपभोक्ताओं में अनावश्यक चिंता पैदा करने के साथ-साथ कानून का पालन कर रहे कारोबारों को भी प्रभावित कर सकते हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग, पटियाला द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जहां भी जांच या प्रयोगशाला रिपोर्ट के माध्यम से उल्लंघन साबित होगा, वहां फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 तथा लागू नियमों और विनियमों के अनुसार उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






