पटियाला, 27 सितंबर, 2026 (बलजीत सरना): शिरोमणि अकाली दल की ओर से पटियाला ग्रामीण में ‘माओं को इंसाफ दो, पंजाब बचाओ’ के मुद्दे को लेकर रैली आयोजित की गई। रैली में सांसद हरसिमरत कौर बादल ने शिरकत करते हुए महिलाओं और पंजाब से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए। रैली को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों और जरूरतमंद परिवारों की समस्याओं की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजाब सरकार के फैसलों पर दिल्ली के नेताओं का प्रभाव है।
नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरा: हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब में नशे के मुद्दे को भी अपनी बातचीत का केंद्र बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे की समस्या के कारण पंजाब के युवा प्रभावित हो रहे हैं और सरकार इसे रोकने में विफल रही है। उन्होंने पंजाब की माताओं से अपने बच्चों के भविष्य और नशे के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। यह मुद्दा हरसिमरत कौर बादल की हालिया ‘माओं-बेटियों को इंसाफ दिलाओ’ मुहिम में भी प्रमुख रहा है।

पंजाब के संसाधनों और अधिकारों का मुद्दा भी उठाया: अकाली सांसद ने पंजाब के खजाने, जमीन, पानी और राज्य के अधिकारों से जुड़े मामलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी दखलअंदाजी के कारण पंजाब के हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कथित भ्रष्टाचार और घोटालों का जिक्र करते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की। उन्होंने कहा कि लोगों को यह जानने का अधिकार है कि सरकारी फैसले कैसे लिए जा रहे हैं और सरकारी धन का इस्तेमाल कहां किया जा रहा है।

भर्ती और परीक्षा मामले पर भी सवाल: हरसिमरत कौर बादल ने डॉ. बलबीर सिंह से संबंधित भर्ती और परीक्षा मामले का भी हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में पंजाब के युवाओं के भविष्य से जुड़े सवाल पैदा होते हैं और भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से इस संबंध में स्पष्टीकरण की मांग की।
माओं और बेटियों से आवाज बुलंद करने की अपील: हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब की माताओं और बेटियों से अपने बच्चों के भविष्य और अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘माओं-बेटियों को इंसाफ दिलाओ’ मुहिम के जरिए महिलाओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को सरकार से अपने सवालों के जवाब और विभिन्न मुद्दों पर जवाबदेही मांगनी चाहिए।






