पटियाला में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बापू गुरचरण सिंह ने संगत से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की
पटियाला, 28 सितंबर 2026 (बलजीत सरना): सांसद अमृतपाल सिंह के पिता और बंदी सिंहों की रिहाई के लिए संघर्ष कर रहे बापू गुरचरण सिंह ने सोमवार को पटियाला स्थित गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 2 अक्टूबर को निकाले जा रहे बंदी सिंह रिहाई मार्च में संगत से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे पर विभिन्न धार्मिक और किसान संगठनों की ओर से समर्थन मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC), हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी और दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी सहित विभिन्न संस्थाएं मार्च में सहयोग करेंगी। किसान संगठनों ने भी मार्च को समर्थन देने की बात कही है।
बापू गुरचरण सिंह ने कहा कि यह अभियान केवल सिख समुदाय तक सीमित नहीं है। मानवाधिकारों से जुड़े किसी भी व्यक्ति द्वारा इस अभियान का समर्थन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकारों के साथ होने वाली बैठकों के दौरान बंदी सिंहों की रिहाई का मुद्दा लगातार उठाया जाता रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से भाई बलवंत सिंह राजोआणा की फांसी की सजा माफ करने की मांग दोहराई। उन्होंने बताया कि इस संबंध में SGPC की ओर से राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर की गई थी, जो लंबे समय से लंबित है। बापू गुरचरण सिंह ने भाई परमजीत सिंह भ्योरा, भाई जगतार सिंह तारा और अन्य बंदी सिंहों की पैरोल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में पैरोल की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है और सरकार की ओर से इसमें देरी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि 5 अगस्त को कौमी इंसाफ मोर्चा की कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक के बाद पंजाब सरकार के अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा कि पैरोल को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों और जमीनी स्तर पर हो रही कार्रवाई के बीच अंतर नजर आ रहा है।
बापू गुरचरण सिंह ने पंजाब और केंद्र सरकार से बंदी सिंहों की रिहाई के मामले में स्पष्ट कार्रवाई करने की मांग की।

इस मौके पर SGPC सदस्य सुरजीत सिंह गढ़ी ने कहा कि पटियाला में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का उद्देश्य बंदी सिंहों की रिहाई के लिए चलाए जा रहे अभियान के बारे में संगत को जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर को ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब से अरदास के बाद मार्च रवाना होगा और इसका अंतिम पड़ाव श्री दमदमा साहिब होगा।
उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार मार्च 2 अक्टूबर को शुरू होकर रात में गुरुद्वारा नानकियाना साहिब, संगरूर में रुकेगा और 3 अक्टूबर को तख्त श्री दमदमा साहिब में संपन्न होगा। गढ़ी ने कहा कि SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी की ओर से भी बंदी सिंहों की रिहाई के लिए किए जा रहे प्रयासों में सहयोग का भरोसा दिया गया है। उन्होंने संगत से अपील की कि 2 अक्टूबर को मार्च में शामिल होकर अपनी भागीदारी दर्ज करवाएं।
उल्लेखनीय है कि कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से 2 और 3 अक्टूबर को फतेहगढ़ साहिब से तख्त श्री दमदमा साहिब तक मार्च निकालने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। विभिन्न किसान और पंथक संगठनों ने भी इसमें बड़ी संख्या में शामिल होने की बात कही है।





