नई दिल्ली, 28 सितंबर 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): भारत की दो बार की ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन खिलाड़ी पी.वी. सिंधू ने एशियाई खेलों के क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर होने के बाद कहा कि सिर्फ 18 घंटे के भीतर तीन मैच खेलने के कारण उनके शरीर पर काफी असर पड़ा। सिंधू को रविवार को चीन की पूर्व विश्व चैंपियन चेन यू फेई ने तीन गेम के मुकाबले में 21-11, 18-21, 10-21 से हराया।
सिंधू ने हार के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि क्वार्टर फाइनल से पहले उन्हें पूरी तरह आराम करने का मौका नहीं मिला।
उन्होंने बताया कि शनिवार को उनके मैचों का समय प्रभावित हुआ और दूसरा मुकाबला रात करीब 1 बजे समाप्त हुआ। इसके बाद होटल लौटने, खाना खाने और रिकवरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद वह लगभग सुबह 3 बजे सो पाईं। रविवार सुबह 8:30 बजे उन्हें फिर से क्वार्टर फाइनल के लिए तैयार होना पड़ा।
सिंधू ने कहा कि मुकाबले के निर्णायक क्षणों में लंबी और थकान भरी रैलियों ने नतीजे पर असर डाला। उन्होंने माना कि मैच में उनके पास जीत हासिल करने के मौके थे, लेकिन वह उन मौकों को अपने पक्ष में नहीं बदल सकीं।
चीनी खिलाड़ी के खिलाफ सिंधू ने शानदार शुरुआत करते हुए पहला गेम 21-11 से जीत लिया। हालांकि, चेन यू फेई ने दूसरे गेम में लंबी रैलियों के जरिए वापसी की और 21-18 से गेम अपने नाम कर लिया। निर्णायक तीसरे गेम में चीनी खिलाड़ी ने 21-10 से जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल अपने नाम कर लिया।
सिंधू ने अपनी एशियाई खेलों की लंबी यात्रा को भी याद किया। उन्होंने 2014 के एशियाई खेलों से अपने अभियान की शुरुआत की थी और अब चौथी बार इन खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने कहा कि एक दर्दनाक हार भारत के लिए उनके 12 साल के सफर को परिभाषित नहीं कर सकती।
सिंधू के साथ भारत की उन्नति हुड्डा भी महिला एकल के क्वार्टर फाइनल में जापान की अकाने यामागुची से हार गईं। इसके साथ ही एशियाई खेलों में भारत का व्यक्तिगत बैडमिंटन अभियान समाप्त हो गया। भारत ने बैडमिंटन की पुरुष टीम स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया।
इस बीच, टूर्नामेंट के मैच शेड्यूल को लेकर अन्य खिलाड़ियों ने भी चिंता जताई। इंडोनेशिया के जोनाटन क्रिस्टी, जापान के कोडाई नाराओका और चीन की महिला डबल्स की विश्व नंबर एक खिलाड़ी तान निंग ने भी देर से समाप्त होने वाले मैचों और कम रिकवरी समय का मुद्दा उठाया।
खिलाड़ियों की इन ताजा चिंताओं के बाद आयोजकों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।






