Wednesday, September 30, 2026
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पंजाब खेल विश्वविद्यालय ने बुजुर्गों की देखभाल का समाज को दिया अनूठा संदेश : ओलंपियन डॉ. रूपा सैनी

पटियाला, 30 सितंबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): महाराजा भूपिंदर सिंह पंजाब खेल विश्वविद्यालय द्वारा वाइस चांसलर डॉ. पुष्पिंदर सिंह गिल के मार्गदर्शन में 21 सितंबर से 30 सितंबर तक बुजुर्गों की तंदुरुस्ती के लिए आयोजित 10 दिवसीय शिविर आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस शिविर के माध्यम से खेल विश्वविद्यालय ने बुजुर्गों की देखभाल और उनके स्वास्थ्य के प्रति समाज को एक अनूठा संदेश दिया।

शिविर के समापन समारोह में हॉकी ओलंपियन डॉ. रूपा सैनी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर वाइस चांसलर डॉ. पुष्पिंदर सिंह गिल ने कहा कि बुजुर्गों के स्वास्थ्य और मानसिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह शिविर आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि आज के समय में बुजुर्गों की सबसे अधिक अनदेखी हो रही है। परिवारों में बुजुर्गों को जिस सम्मान और अपनत्व की जरूरत है, वह उन्हें नहीं मिल रहा, बल्कि कई बार उन्हें परिवार पर बोझ समझा जाने लगता है, जो समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि बुजुर्ग हमारा सरमाया हैं। उनके जीवनभर का अनुभव और दृष्टिकोण हमारे लिए अनमोल खजाना है। उनके अनुभवों से जो बातें हम सीख सकते हैं, वे किसी किताब से नहीं सीखी जा सकतीं।

इस अवसर पर डॉ. रूपा सैनी ने कहा कि मौजूदा समय में समाज में बुजुर्गों की उपेक्षा और अनादर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि कई परिवारों में संतानें अपने माता-पिता के वृद्धावस्था में उनसे दूरी बनाने लगती हैं। उन्होंने खेल विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ. गिल को इस नेक पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शिता से समाज में बुजुर्गों के सम्मान और देखभाल का सकारात्मक संदेश पहुंचा है तथा विश्वविद्यालय को बुजुर्गों का आशीर्वाद भी मिला है।

समापन समारोह के दौरान बुजुर्गों ने शिविर के अपने अनुभव साझा किए और वे काफी प्रसन्न एवं उत्साहित नजर आए। समारोह के अंत में सभी बुजुर्गों को सम्मानित भी किया गया।

डॉ. गिल ने बताया कि इस शिविर में 110 बुजुर्गों ने भाग लिया। दस दिनों के दौरान विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों ने बुजुर्गों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्हें दैनिक डायलिसिस, ब्लड प्रेशर, शुगर, विभिन्न प्रकार की सर्जरी तथा अन्य बीमारियों के अनुसार खान-पान की आदतें निर्धारित करने संबंधी जागरूकता प्रदान की। इसके अलावा, बुजुर्गों में मानसिक तनाव और अकेलेपन को कम करने के लिए काउंसलरों की टीम ने आवश्यक परामर्श दिया तथा विभिन्न रचनात्मक खेल गतिविधियां भी करवाईं।

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