पटियाला, 6 अक्टूबर 2026 (जगजीत सिंह): पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा है कि पंजाब की मंडियों में धान की फसल बेचने के लिए पहुंचे किसान खुशी-खुशी वापस जा रहे हैं। आज पटियाला की सरहिंद रोड स्थित अनाज मंडी में धान की खरीद का जायज़ा लेते हुए लाल चंद कटारूचक ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा मंडियों में धान की खरीद के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह पिछले साढ़े चार वर्षों में 9 खरीद सीजन बहुत अच्छे रहे हैं, उसी तरह यह 10वां खरीद सीजन भी सुचारू, निर्बाध और सफलतापूर्वक पूरा किया जाएगा।
इस अवसर पर मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि केंद्र से 42,786.68 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) प्राप्त हो चुकी है तथा बारदाने के भी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वह स्वयं मंडियों में जाकर प्रबंधों का जायज़ा ले रहे हैं और अधिकारी भी लगातार व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 6.23 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों में पहुंच चुका है, जिसमें से 5.70 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। खरीदी गई फसल की एमएसपी के अनुसार 781 करोड़ रुपये की राशि किसानों के खातों में जमा की जा चुकी है।
लाल चंद कटारूचक ने बताया कि राज्य केंद्रीय पूल के लिए धान की खरीद हेतु मिले 180 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सभी अधिसूचित 1,887 मंडियों में किसानों की खरीदी गई उपज का तत्काल और निर्बाध भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के पुख्ता प्रबंधों के चलते किसानों द्वारा मंडियों में दशहरा और दिवाली के त्योहार मनाने की पुरानी धारणा भी अब टूट गई है।
लाल चंद कटारूचक ने इस अवसर पर किसानों और आढ़तियों से बातचीत करते हुए दोहराया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के खून-पसीने से उगाई फसल के एक-एक दाने की खरीद करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के साथ-साथ आढ़तियों और मजदूरों के हितों की भी रक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों से धान की आमद को रोकने के लिए भी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री ने कहा कि गेहूं और धान की खरीद का सीजन बहुत बड़ा सीजन होता है और पंजाब का आधे से अधिक हिस्सा इससे जुड़ा हुआ है। इसलिए पंजाब सरकार की प्राथमिकता है कि किसान मंडियों से खुशी-खुशी वापस जाएं और अपनी अगली फसल की तैयारी करें। उन्होंने कहा कि धान की खरीद का सीजन नवंबर के मध्य तक चलना है। इसलिए किसान अपनी फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडियों में लेकर आएं और हमारे गुरुओं की शिक्षाओं के अनुसार पर्यावरण की संभाल के लिए पराली को आग न लगाएं।
इस अवसर पर एडीसी (ग्रामीण विकास) दमनजीत सिंह मान, मार्केट कमेटी के चेयरमैन अशोक सिरसवाल, खाद्य आपूर्ति विभाग की डिप्टी डायरेक्टर नवरीत कौर, जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक रविंदर कौर, जिला मंडी अधिकारी असलम मोहम्मद, मार्केट कमेटी सचिव जॉनी गर्ग, खरीद एजेंसियों के डीएम, आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष इस मौके पर नई अनाज मंडी के प्रेसिडेंट इंजी. सतविंदर सिंह सैनी, नरेश मित्तल भोला, विजय गर्ग, गुरनाम सिंह लचकानी, चरण दास गोयल, खरदमन राय गुप्ता, दविंदर कुमार बग्गा, तीरथ बंसल, हरदेव सिंह नंदपुर केशो, करम चंद, विश्व गोयल काकू, परगट सिंह जाहलां, परमजीत सिंह मिर्जापुर, रणधीर सिंह नलीना, रतन गोयल और अपनी फसल बेचने आए किसान भी मौजूद थे।





