नई दिल्ली, 6 अक्टूबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाए परमेलिन की भारत यात्रा के दौरान नई दिल्ली में भारत और स्विट्जरलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर केंद्रित महत्वपूर्ण बातचीत हुई। इस दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाए परमेलिन ने दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक, विज्ञान, ऊर्जा और लोगों के बीच संपर्क सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर चढ़दीकला ग्रुप के चेयरमैन और पद्मश्री डॉ. जगजीत सिंह दरदी की मौजूदगी भी विशेष रही। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. दरदी का स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति से परिचय करवाया और पत्रकारिता तथा समाजसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के बारे में जानकारी दी।
भारत-स्विट्जरलैंड साझेदारी को नई दिशा: भारत और स्विट्जरलैंड के संबंधों में व्यापार और आर्थिक सहयोग को विशेष महत्व दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते के संदर्भ में व्यापार और निवेश के अवसरों को बढ़ाने पर जोर दिया। भारत और EFTA के बीच यह समझौता यूरोप के किसी आर्थिक समूह के साथ भारत की पहली मुक्त व्यापार व्यवस्था के रूप में महत्वपूर्ण है। भारतीय पक्ष की ओर से स्विट्जरलैंड में भारतीय कृषि उत्पादों, फार्मा, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ भारत में स्विस निवेश को प्रोत्साहित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
निवेश, तकनीक और रोजगार पर फोकस: बैठक के दौरान रक्षा उत्पादन, परमाणु ऊर्जा, बुनियादी ढांचे एवं मोबिलिटी, विज्ञान, तकनीक और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा, अंतरिक्ष, योग और आयुर्वेद जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड के बीच आर्थिक साझेदारी आने वाले समय में निवेश, नवाचार और रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती है। आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों देशों ने अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष नौकरियों के लक्ष्य की दिशा में संयुक्त प्रयासों की संभावना को भी रेखांकित किया।
छात्रों और युवा पेशेवरों के लिए नए अवसर: भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों का एक महत्वपूर्ण पहलू लोगों के बीच संपर्क है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दोनों देशों ने प्रवासन और मोबिलिटी सहयोग से संबंधित समझौते किए हैं, जिनका उद्देश्य छात्रों, शोधकर्ताओं, पेशेवरों और युवाओं के लिए कानूनी एवं सुचारू अवसरों को बढ़ाना है। इसके अलावा, युवा पेशेवरों और कौशल विकास से संबंधित सहयोग को भी द्विपक्षीय साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है।
डॉ. जगजीत सिंह दरदी की मौजूदगी बनी खास आकर्षण: इस उच्चस्तरीय कूटनीतिक अवसर पर पद्मश्री डॉ. जगजीत सिंह दरदी की मौजूदगी ने पंजाबी पत्रकारिता और समाजसेवा से जुड़े पक्ष को भी उजागर किया। चढ़दीकला ग्रुप से लंबे समय से जुड़े डॉ. दरदी ने पत्रकारिता और पंजाबी भाषा के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री द्वारा स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति से उनका परिचय करवाना इस बातचीत का एक विशेष पल रहा। इस अवसर पर भारत और स्विट्जरलैंड के बीच बढ़ती साझेदारी के साथ-साथ लोगों के बीच संपर्क, ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों के लिए महत्वपूर्ण दौर: राष्ट्रपति गाए परमेलिन की भारत यात्रा को दोनों देशों के बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक सहयोग के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत और स्विट्जरलैंड ने लोकतंत्र, कानून के शासन, संवाद और कूटनीति के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया है। इस दौरान हुई बातचीत से संकेत मिलता है कि आने वाले समय में भारत-स्विट्जरलैंड साझेदारी केवल व्यापार और निवेश तक सीमित न रहकर विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, कौशल विकास और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में भी और विस्तार हासिल कर सकती है।





