राजपुरा, 7 अक्टूबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): डिप्टी कमिश्नर पटियाला डॉ. हिमांशु अग्रवाल के दिशा-निर्देशों के अनुसार एस.डी.एम. राजपुरा रविंदर सिंह के नेतृत्व में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा सी.आर.एम. योजना के तहत आई.ई.सी. गतिविधियों के माध्यम से किसानों को पराली जलाने की घटनाओं को कम करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। तहसील राजपुरा के किसानों को ग्राम स्तरीय कैंपों, मोबाइल वैन, नुक्कड़ नाटकों और स्कूल गतिविधियों के माध्यम से पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
एस.डी.एम. राजपुरा ने किसानों से अपील की कि जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित समय के दौरान ही धान की कटाई की जाए, ताकि मंडी में अधिक नमी के कारण फसल की बिक्री में किसी प्रकार की समस्या न आए।
इस संबंध में मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. दारा सिंह ने बताया कि किसान सुपर एस.एम.एस. से लैस कंबाइन से धान की कटाई करें और पराली को खेतों में ही मिलाकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाएं।
ब्लॉक कृषि अधिकारी राजपुरा डॉ. जुपिंदर सिंह पन्नू और ब्लॉक कृषि अधिकारी घनौर डॉ. रणजोध सिंह के अधीन आने वाले क्षेत्रों में अब तक 72 ग्राम स्तरीय और 3 ब्लॉक स्तरीय कैंप लगाए जा चुके हैं। इन कैंपों में गांवों के सरपंचों, नंबरदारों, चौकीदारों तथा लगभग 2300 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।
इन कैंपों के दौरान कृषि विस्तार अधिकारियों—खेड़ा गज्जू और जांसला से संजीव कुमार, जंड मंगोली और कपूर से मनप्रीत सिंह—तथा कृषि विकास अधिकारियों डॉ. गुरध्यान सिंह (खेड़ी गुर्ना), डॉ. पुनीत कुमार (बसंतपुरा), डॉ. अजय कुमार (पबरी), डॉ. अनुराग अत्री (नत्थू माजरा, शंभू कलां और चप्पड़) सहित कृषि उपनिरीक्षकों और आत्मा स्टाफ ने किसानों को पराली को खेतों में मिलाने तथा गांठें बनाकर औद्योगिक इकाइयों को देने के लिए कृषि विभाग द्वारा सब्सिडी पर उपलब्ध कराई गई सी.आर.एम. मशीनरी का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।
अधिकारियों ने किसानों को बताया कि वे कृषि विभाग और सहकारी सभाओं से संपर्क कर मशीनरी की मांग कर सकते हैं। इससे पराली जलाने की घटनाओं को कम करने के साथ-साथ पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने में भी मदद मिलेगी।





