नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): भारतीय महिला क्रिकेट में नेतृत्व का नया अध्याय शुरू हो गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने स्टार सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान नियुक्त किया है। यह फैसला हरमनप्रीत कौर के तीनों प्रारूपों की कप्तानी से हटने के तुरंत बाद लिया गया। बी.सी.सी.आई. के अनुसार मंधाना अब टीम की वनडे और टी-20 की नियमित कप्तान होंगी।
मंधाना के लिए यह जिम्मेदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह लंबे समय से भारतीय टीम की नेतृत्व व्यवस्था का हिस्सा रही हैं। वह 2013 से भारतीय टीम का हिस्सा हैं और हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में उपकप्तान की भूमिका भी निभा चुकी हैं। इससे पहले वह भारत की ओर से 18 टी-20 अंतरराष्ट्रीय और 4 वनडे मैचों में कप्तानी कर चुकी हैं।
डब्लयू.पी.एल. में भी दिखा चुकी हैं कप्तानी का दम
स्मृति मंधाना का नेतृत्व अनुभव केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक सीमित नहीं है। उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तानी करते हुए महिला प्रीमियर लीग (डब्लयू.पी.एल.) में 2024 और 2026 में टीम को चैंपियन बनाया। लगातार दो डब्लयू.पी.एल. खिताबों के बाद अब भारतीय टीम की कमान मिलने से उनकी नेतृत्व भूमिका और बड़ी हो गई है।
मंधाना के नेतृत्व में भारतीय महिला टीम का अगला अभियान जिम्बाब्वे के खिलाफ घरेलू सीरीज से शुरू होगा। बी.सी.सी.आई. ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन टी-20 और तीन वनडे मैचों के लिए टीम की घोषणा भी कर दी है। टी-20 सीरीज 16 अक्टूबर से रायपुर में और वनडे सीरीज 23 अक्टूबर से वडोदरा में खेली जाएगी। दोनों प्रारूपों की टीम में मंधाना को कप्तान बनाया गया है।
मंधाना के लिए बड़ी उपलब्धियों का साल
2026 में मंधाना का प्रदर्शन और प्रभाव दोनों चर्चा में रहे हैं। सितंबर में भारत ने महिला एशिया कप का खिताब जीता, जिसमें मंधाना ने श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में 59 रन बनाए। इसके बाद 22 सितंबर को एशियाई खेलों के फाइनल में भी उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 79 रन की शानदार पारी खेली। भारत ने यह मुकाबला 147 रन से जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया।
आई.सी.सी. के अनुसार मंधाना हाल ही में महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज भी बनीं और उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज को पीछे छोड़ा। उनके नाम तीनों प्रारूपों में कुल 18 अंतरराष्ट्रीय शतक भी दर्ज हैं।
हरमनप्रीत कौर का शानदार कप्तानी कार्यकाल खत्म
मंधाना की नियुक्ति के साथ ही हरमनप्रीत कौर का भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान के रूप में लंबा कार्यकाल समाप्त हो गया। 37 वर्षीय हरमनप्रीत ने 6 अक्टूबर को तीनों प्रारूपों की कप्तानी छोड़ने का फैसला सार्वजनिक किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह खिलाड़ी के तौर पर भारतीय टीम के लिए खेलना जारी रखेंगी और नई नेतृत्व व्यवस्था का समर्थन करेंगी।
हरमनप्रीत ने 2016 में भारत की नियमित टी-20 कप्तान की जिम्मेदारी संभाली थी, जबकि 2022 में मिताली राज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्हें वनडे और टेस्ट टीम की पूर्णकालिक कप्तानी मिली। आई.सी.सी. के मुताबिक उन्होंने भारत की कप्तान के रूप में 211 मैचों में टीम का नेतृत्व किया।
उनके कप्तानी कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि 2025 महिला वनडे विश्व कप रही, जब भारत ने पहली बार महिला क्रिकेट विश्व कप का खिताब जीता। इसके अलावा 2026 एशियाई खेलों में भी हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने श्रीलंका को हराकर स्वर्ण पदक जीता।
कप्तानी छोड़ते समय हरमनप्रीत ने क्या कहा?
हरमनप्रीत ने कहा कि भारत की कप्तानी छोड़ना आसान फैसला नहीं था, लेकिन उन्हें लगा कि अब टीम को नई नेतृत्व व्यवस्था के साथ आगे बढ़ने का समय है। उन्होंने टीम की खिलाड़ी के रूप में अपनी सेवाएं जारी रखने और नई कप्तान व युवा खिलाड़ियों का समर्थन करने की प्रतिबद्धता भी जताई। बी.सी.सी.आई. ने उनके योगदान को भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय बताया है।
मंधाना ने जताया सम्मान
नई कप्तान बनने के बाद मंधाना ने भारत का नेतृत्व करने को अपने लिए बहुत बड़ा सम्मान बताया। उन्होंने हरमनप्रीत कौर के कप्तान के रूप में योगदान की सराहना की और कहा कि वह टीम को आगे ले जाने के लिए पूरी मेहनत करेंगी।
इस बदलाव के साथ भारतीय महिला क्रिकेट में अनुभव और नई नेतृत्व ऊर्जा का संयोजन देखने को मिलेगा। मंधाना के सामने अब उस टीम को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी जिसने हाल के वर्षों में विश्व कप और एशियाई खेलों जैसे बड़े मंचों पर महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की हैं





