नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): संसद भवन परिसर से चुनाव आयोग के मुख्यालय तक विपक्षी दलों के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए दिल्ली में बुधवार को व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था लागू की गई। पुलिस की बैरिकेडिंग, डायवर्जन और कई मार्गों पर लगाए गए प्रतिबंधों के चलते राजधानी के कई हिस्सों में यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई। दिल्ली-एनसीआर के अनेक इलाकों में लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी नेताओं के मार्च को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सुबह करीब 8 बजे से मध्य दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लागू किए। कनॉट प्लेस, पटेल चौक, संसद मार्ग, जंतर-मंतर रोड और अशोका रोड के आसपास बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया।
कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें
यातायात प्रतिबंधों का असर मध्य दिल्ली के अलावा कई अन्य हिस्सों में भी दिखाई दिया। एम्स और सफदरजंग अस्पताल के आसपास रिंग रोड पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। वहीं पुरानी दिल्ली के श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग पर भी वाहन चालकों को काफी देर तक जाम का सामना करना पड़ा।
पूर्वी दिल्ली में मयूर विहार और क्राउन प्लाजा के आसपास दिल्ली-नोएडा मार्ग पर भी यातायात बाधित रहा। कई वाहन चालकों ने सोशल मीडिया पर जाम की स्थिति को लेकर नाराजगी जताई। कुछ लोगों ने कहा कि यातायात प्रतिबंधों के कारण उन्हें अपने कार्यालय और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने में काफी देरी हुई।
ट्रैफिक पुलिस ने बढ़ाई तैनाती
जाम की स्थिति को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की। अधिकारियों के अनुसार, भीड़ और वाहनों के दबाव को कम करने के लिए ट्रैफिक कर्मियों को लगातार मौके पर लगाया गया, ताकि यातायात को सुचारू किया जा सके और आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही प्रभावित न हो।
कर्तव्य पथ और कृष्णा मेनन मार्ग समेत नई दिल्ली के कई अन्य हिस्सों में भी सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रतिबंधों के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने लोगों से प्रभावित मार्गों से बचने और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की।





