नई दिल्ली, 08 अक्टूबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): होर्मुज जलडमरूमध्य और काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हालिया सैन्य हमलों ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इस सप्ताह के शुरुआती दो दिनों में सामने आए चार हमलों में कम से कम 12 भारतीय नाविक घायल हुए, जबकि 30 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य में सोमवार को ओमान के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर मिसाइल हमला हुआ। जहाज में सवार 19 चालक दल के सदस्यों में 17 भारतीय थे। हमले में 11 भारतीय नाविक घायल हुए। ओमान के तटरक्षक बल ने सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और घायल नाविकों का इलाज ओमान में चल रहा है।
इसी दिन काला सागर में एक अन्य वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई, जिसमें दो भारतीय नाविक घायल हुए। रिपोर्टों के अनुसार, हमले में दो विदेशी नाविकों की मौत भी हुई।
इसके अलावा बुल्गारिया के तट के पास दो और व्यापारिक जहाज ड्रोन हमलों की चपेट में आए। इनमें से एक जहाज में आग लग गई, जबकि दूसरा जहाज डूब गया। दोनों जहाजों में यूक्रेनी गेहूं लदा होने की पुष्टि हुई है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने वाणिज्यिक जहाजों को सैन्य संघर्ष का निशाना बनाए जाने की निंदा करते हुए समुद्री मार्गों को युद्ध का मैदान नहीं बनाने की अपील की है। मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का हवाला देते हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजरानी को सैन्य दबाव और राजनीतिक ब्लैकमेल से सुरक्षित रखने पर जोर दिया।
लगातार बढ़ते हमले भारत के लिए भी गंभीर चिंता का विषय हैं, क्योंकि पश्चिम एशिया, रूस-यूक्रेन युद्ध और लाल सागर क्षेत्र में अस्थिरता से ऊर्जा आयात, खाद्य निर्यात और समुद्री सुरक्षा पर सीधा असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत समेत प्रमुख मध्यम शक्तियों को व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए साझा अंतरराष्ट्रीय रणनीति पर तेजी से काम करने की जरूरत है।





