नई दिल्ली/पणजी, 8 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह): दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत और उनके करोड़ों प्रशंसकों में शोक की लहर है। 75 वर्षीय अभिनेता का बुधवार, 8 अक्टूबर को गोवा में निधन हो गया। बताया गया कि सुबह उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाना पाटेकर के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें भारतीय सिनेमा का असाधारण कलाकार बताया। उन्होंने कहा कि बहुत कम कलाकारों में नाना पाटेकर जैसी अभिनय की तीव्रता, अलग पहचान और प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस देखने को मिलती थी। उन्होंने अपने हर किरदार को पूरी शिद्दत के साथ निभाया और ऐसे पात्रों को जीवंत किया, जिन्हें आने वाली पीढ़ियां लंबे समय तक याद रखेंगी।
पीएम मोदी ने नाना पाटेकर के बेबाक व्यक्तित्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अभिनेता अपने स्पष्ट विचारों के लिए जाने जाते थे और अपनी बात रखने में कभी संकोच नहीं करते थे। हिंदी और मराठी सिनेमा में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना जताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
अमित शाह ने बताया कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी नाना पाटेकर के निधन को भारतीय कला जगत के लिए बड़ी क्षति बताया। शाह ने कहा कि करीब पांच दशकों के लंबे करियर में नाना पाटेकर ने अपनी सहज और दमदार अदाकारी तथा प्रभावशाली संवाद अदायगी से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।
उन्होंने कहा कि सामाजिक सरोकारों से जुड़ी गंभीर भूमिकाएं हों या व्यंग्यात्मक किरदार, नाना पाटेकर हर भूमिका में अपनी अलग पहचान छोड़ने में सफल रहे। शाह ने अभिनेता के साथ अपनी पुरानी तस्वीर साझा करते हुए उनके सामाजिक सरोकारों का भी जिक्र किया।
अमित शाह के मुताबिक, नाना पाटेकर लोकप्रियता की ऊंचाइयों तक पहुंचने के बावजूद अपनी जड़ों से जुड़े रहे। उन्होंने ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से सूखे से प्रभावित किसान परिवारों की मदद की और सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए सीमावर्ती इलाकों का दौरा भी किया। शाह ने उनके सरल और स्पष्टवादी स्वभाव को याद करते हुए परिवार तथा प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति मिलने की कामना की।
सुबह घर पर मिले थे बेहोश, अस्पताल में नहीं बची जान
जानकारी के अनुसार, नाना पाटेकर गोवा के डोना पाउला स्थित अपने अपार्टमेंट में थे। सुबह करीब 5:10 बजे उन्हें मृत घोषित किया गया। उन्हें बेहोशी की हालत में मिलने के बाद तत्काल एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया था।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, चिकित्सक डॉ. शेखर सालकर ने बताया कि नाना पाटेकर को करीब 45 मिनट तक सीपीआर दिया गया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उन्हें होश में नहीं लाया जा सका। चिकित्सकों ने उनकी मौत की पुष्टि की और शव का पोस्टमार्टम किए जाने की जानकारी दी।
राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
महाराष्ट्र सरकार ने नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ कराने का निर्णय लिया है। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने इसकी पुष्टि की है।
नाना पाटेकर ने अभिनय के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनके निधन से हिंदी और मराठी फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसने अपनी सशक्त अदाकारी, दमदार संवाद शैली और बेबाक व्यक्तित्व के जरिए भारतीय सिनेमा में एक विशिष्ट मुकाम बनाया।





