हरियाणा , 9 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य में 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय वाले अंत्योदय परिवारों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे। इन परिवारों को पशुपालन के लिए सस्ते ऋण के साथ-साथ दूध पर प्रति लीटर 10 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी, जिसका उपयोग उनके ऋण की अदायगी में किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अंत्योदय परिवारों के लिए चलाई जा रही योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ-साथ नई योजनाएं शुरू करने के भी व्यापक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने अंत्योदय परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने और उनके लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के प्रभाव की समीक्षा की। साथ ही, इन परिवारों को ऋण उपलब्ध करवाने के लिए बैंक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंत्योदय परिवारों के लिए रोजगार के साधन विकसित करने हेतु सभी विभागों की योजनाओं और बैंकों की ऋण सुविधाओं के बीच समन्वय स्थापित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि दूध की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अंत्योदय परिवारों को दुग्ध उत्पादन से जोड़ना काफी लाभदायक हो सकता है।
उन्होंने बताया कि ऐसे परिवारों को भैंस खरीदने के लिए पशुपालन विभाग की ओर से 80 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा वीटा के माध्यम से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाएगी। इन भैंसों का दूध वीटा खरीदेगा और सरकार की ओर से प्रति लीटर दूध पर 10 रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों और अनुसूचित जाति के परिवारों को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। इन ऋणों के ब्याज का भुगतान सरकार करेगी। उन्होंने पशुपालन विभाग को इस वर्ष कम से कम 15,000 भैंसों की खरीद के लिए ऋण उपलब्ध करवाने का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अंत्योदय परिवारों की आय बढ़ाने के लिए नई योजनाएं तैयार करने को कहा। उन्होंने सभी जिलों में अधिक से अधिक हर हित स्टोर, वीटा बूथ और मिल्क बार खोलने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य में 1,450 हर हित स्टोर संचालित हो रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को 1 नवंबर तक 200 नए हर हित स्टोर और 300 नए वीटा बूथ, मिल्क बार तथा सांझा बाजार खोलने के निर्देश दिए।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत की जमीन पर हर हित स्टोर और वीटा बूथ खोलने के लिए पंचायत विभाग तथा शहरी क्षेत्रों में इनके संचालन के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक गांव, कॉलोनी, सेक्टर और हाउसिंग सोसायटी में हर हित स्टोर और वीटा मिल्क बूथ खोले जाने चाहिए।
अंत्योदय मेलों के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा
‘सेवा’ विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी. अनुपमा ने बताया कि हरियाणा में अंत्योदय परिवारों की आय के साधन बढ़ाने के लिए अंत्योदय मेलों का आयोजन शुरू किया गया था, जिसके काफी अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इन मेलों में भाग लेने के लिए अंत्योदय परिवारों को विभिन्न माध्यमों से आमंत्रित किया जाता है। उनकी रुचि के अनुसार स्वरोजगार शुरू करवाने के लिए बैंकों से ऋण दिलाने में भी सहायता की जाती है।
उन्होंने बताया कि 19 विभागों की 47 योजनाओं के माध्यम से अंत्योदय परिवारों को स्वरोजगार शुरू करने में मदद दी जा रही है। वर्ष 2021 में शुरू किए गए योजना के पहले चरण में 1.35 लाख परिवारों के ऋण स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के दूसरे चरण की शुरुआत मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने 11 दिसंबर 2025 को की थी। इसके तहत अब तक सभी जिलों में एक-एक जिला स्तरीय अंत्योदय मेला आयोजित किया जा चुका है। इन मेलों में 67,096 परिवारों को आमंत्रित किया गया, जिनमें से 20,103 परिवारों को परामर्श दिया गया और 15,159 ऋण आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 11,687 आवेदनों को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।
उन्होंने बताया कि अगले चरण में सभी विधानसभा क्षेत्रों में अंत्योदय मेलों का आयोजन किया जाएगा।
जरूरतमंद परिवारों को रोजगार से जोड़ना प्राथमिकता
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अंत्योदय मेलों को विभागीय योजनाओं के साथ जोड़ा जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को रोजगार के साधन उपलब्ध करवाए जा सकें। उन्होंने बैंकों से गरीब लोगों को ऋण देने में अनावश्यक हिचकिचाहट न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सरकार बैंकों के ब्याज की भरपाई अपने स्तर पर करेगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य में अगले एक वर्ष के दौरान आयोजित किए जाने वाले अंत्योदय मेलों का कैलेंडर तैयार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इनमें आमंत्रित किया जा सके। उन्होंने सभी विभागों को समय की जरूरत के अनुसार स्वरोजगार के नए अवसरों की सूची तैयार करने को भी कहा, ताकि अंत्योदय परिवारों को नए रोजगारों से जोड़ा जा सके।
बैठक में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, ‘सेवा’ विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी. अनुपमा, कृषि एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजेंद्र कुमार, प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन, श्री विजय सिंह दहिया, श्री अशोक कुमार मीणा तथा मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव डॉ. यशपाल सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।





