डकाला, भुनरहेड़ी, पटियाला, 9 अक्टूबर 2026 (हर्षलीन सिंह): कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पटियाला द्वारा के.एस. फार्म हाउस, डकाला में रबी की फसलों को लेकर जिला स्तरीय किसान प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इस दौरान पराली न जलाने वाले 30 किसानों को सम्मानित किया गया। शिविर का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे समाना के विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने किसानों को अपनी कृषि आय बढ़ाने के लिए कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार फसलों की देखभाल करने, सहायक व्यवसाय अपनाने और फसल विविधीकरण के तहत अधिक क्षेत्र लाने की सलाह दी। विधायक ने किसानों को धान की पराली न जलाने के लिए भी प्रेरित किया।
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के दिशा-निर्देशों तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. गुरजीत सिंह बराड़ की अध्यक्षता में, पटियाला के मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. दारा सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस किसान मेले में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
शिविर के तकनीकी सत्र की अगुवाई करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) दमनजीत सिंह मान ने किसानों से आगामी वर्षों में भी पराली न जलाने के प्रयासों में जिला प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। एडीसी मान ने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में जिले में पराली जलाने की घटनाओं में लगातार कमी आ रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में पराली प्रबंधन के लिए कृषि मशीनरी अधिक से अधिक उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा सहकारी समितियों, समूहों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और व्यक्तिगत किसानों के माध्यम से बेहतर प्रयास किए जाएंगे।
मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. दारा सिंह ने किसानों को फार्मर आईडी बनवाने, कृषि सामग्री के डीलरों से खरीद का बिल लेने तथा पानी की बचत के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। शिविर के विशेष अतिथि संयुक्त निदेशक कृषि (गहन खेती) डॉ. जंगीर सिंह ने किसानों से विभाग द्वारा गांव, ब्लॉक और जिला स्तर पर आयोजित शिविरों में भाग लेकर आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त करने की अपील की। उन्होंने किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

शिविर में कृषि, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, बागवानी तथा भूमि एवं जल संरक्षण विभागों के साथ-साथ निजी कंपनियों और प्रगतिशील किसानों ने अपने कार्यों से संबंधित प्रदर्शनियां लगाईं, जिनका उपस्थित किसानों ने लाभ उठाया। शिविर के दौरान रबी की फसलों, फसल विविधीकरण तथा फसल अवशेषों के उचित उपयोग संबंधी तकनीकी जानकारी केवीके रौणी और किसान सलाहकार केंद्र के वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने साझा की। इनमें उप निदेशक डॉ. हरदीप सिंह सभिखी, डॉ. रजनी गोयल, डॉ. गुरप्रीत सिंह और डॉ. गुरप्रीत कौर शामिल रहे।
इस शिविर में लगभग 1,000 किसानों ने भाग लिया। अंत में ब्लॉक कृषि अधिकारी, भुनरहेड़ी, डॉ. मनदीप सिंह और कृषि विभाग के समस्त स्टाफ ने उपस्थित किसानों तथा कृषि एवं अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों का धन्यवाद किया।





