Sunday, October 11, 2026
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ड्रग-मुक्त हरियाणा अभियान को मिला नया आयाम, युवाओं की सेहत पर भी सरकार की कड़ी नजर

हरियाणा, 9 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा में युवाओं को नशे से बचाने और उन्हें स्वस्थ तथा सकारात्मक जीवनशैली से जोड़ने की दिशा में सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘ड्रग-मुक्त हरियाणा’ अभियान को व्यापक रूप देते हुए अब युवाओं के स्वास्थ्य से जुड़े उन उत्पादों की गुणवत्ता पर भी सख्ती बढ़ाई गई है, जिनका इस्तेमाल फिटनेस और ऊर्जा बढ़ाने के नाम पर तेजी से बढ़ रहा है।

सरकार की इस पहल का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखने के साथ-साथ खेल, फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को उनकी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में हर महीने मैराथन का आयोजन भी किया जा रहा है।

इस व्यापक पहल के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन, हरियाणा ने 5 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ विशेष राज्यव्यापी प्रवर्तन अभियान चलाया। अभियान के दौरान निर्माताओं, वितरकों, खुदरा विक्रेताओं और केमिस्ट दुकानों सहित 61 प्रतिष्ठानों की जांच की गई।

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30 के तहत न्यूट्रास्यूटिकल्स, प्रोटीन पाउडर और एनर्जी ड्रिंक्स के 73 नमूने लिए गए। इन नमूनों को जांच के लिए चंडीगढ़ और करनाल की राज्य खाद्य प्रयोगशालाओं तथा NABL से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में भेजा गया है।

रोहतक में ‘100% Natural’ के दावे की जांच शुरू

अभियान के दौरान रोहतक स्थित मैसर्स द वैरायटी न्यूट्रिशन के परिसर में ‘नेचुरल प्रोटीन पाउडर’ (कोड: RTK/DO/2025) का स्टॉक मिला। उत्पाद पर ‘100% Natural’ होने का अप्रमाणित दावा किया गया था।

इसके अलावा, लेबल पर एक्सपायरी डेट, निर्माता का पता और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) का लाइसेंस नंबर जैसी अनिवार्य जानकारी भी दर्ज नहीं थी।

इस मामले में फर्म के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

सैंपल रिपोर्ट के आधार पर होगी सख्त कार्रवाई

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त ने बताया कि सरकार के स्पष्ट और सख्त निर्देश हैं कि युवाओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी उत्पाद या कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने बताया कि रोहतक में सामने आए मामले में उत्पाद के लेबल पर ‘100% Natural’ होने का दावा किया गया था, जबकि एक्सपायरी डेट, निर्माता का पता और FSSAI लाइसेंस नंबर जैसी अनिवार्य जानकारी उपलब्ध नहीं थी। ऐसे मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान लिए गए सभी 73 नमूनों को चंडीगढ़ और करनाल की राज्य खाद्य प्रयोगशालाओं तथा NABL से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

यदि कोई नमूना असुरक्षित, निर्धारित मानकों से कम गुणवत्ता वाला, गलत लेबलिंग वाला या नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो संबंधित निर्माता, वितरक या विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह प्रवर्तन अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा। प्रदेशभर में ऐसे उत्पादों की गुणवत्ता, लेबलिंग, लाइसेंस और बिक्री से जुड़े नियमों की नियमित जांच की जाएगी।

आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि नाबालिग बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अन्य संवेदनशील वर्गों को डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह के बिना ऐसे उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने निर्माताओं और विक्रेताओं से अपील की कि वे उत्पादों पर सभी अनिवार्य विवरण स्पष्ट रूप से दर्ज करें और खाद्य सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें।

हरियाणा सरकार के इस युवा-केंद्रित अभियान का उद्देश्य केवल नशे के खिलाफ कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि युवाओं को स्वस्थ विकल्प उपलब्ध करवाकर उन्हें सकारात्मक दिशा देना भी है। नशे के खिलाफ जागरूकता, खेल गतिविधियों और नियमित मैराथन के साथ-साथ खाद्य एवं औषधि प्रशासन की यह कार्रवाई भी इस व्यापक प्रयास को मजबूती प्रदान कर रही है।

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