लुधियाना, 09 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह): गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना के विद्यार्थी कल्याण निदेशालय ने ‘गुरु गोबिंद सिंह स्टडी सर्कल’(वेटरनरी विश्वविद्यालय इकाई) तथा ‘कैन फाइट कैंसर’(सी.एफ.सी.) सोसायटी, लुधियाना के सहयोग से महिलाओं के स्वास्थ्य एवं कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यक्रम और विचार-विमर्श सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कैंसर की रोकथाम, प्रारंभिक अवस्था में इसकी पहचान तथा उपशामक देखभाल (पैलिएटिव केयर) के प्रति जागरूकता पैदा करना था। कार्यक्रम में लगभग 150 छात्राओं, महिला शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया।
डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल, वाइस चांसलर तथा उनकी धर्मपत्नी श्रीमती पवनजीत कौर गिल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। डॉ. गिल ने बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य देखभाल, कैंसर के प्रति जागरूकता तथा बीमारी की प्रारंभिक अवस्था में पहचान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देने के लिए आयोजकों और चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा किए जा रहे संयुक्त प्रयासों की सराहना की। तकनीकी सत्रों के दौरान, क्लाउडनाइन अस्पताल, लुधियाना की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कनुप्रिया जैन ने ‘महिलाओं में होने वाले सामान्य कैंसर—रोकथाम एवं प्रारंभिक पहचान’ विषय पर जानकारीपूर्ण व्याख्यान दिया। उन्होंने कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ समय पर चिकित्सा सहायता प्राप्त करने के महत्व को रेखांकित किया। दयानंद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, लुधियाना के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. कुणाल जैन ने उपशामक देखभाल (पैलिएटिव केयर) तथा कैंसर रोगियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में इसकी भूमिका पर चर्चा की। सोसायटी के सचिव श्री जगजीत सूद ने संस्था, इसकी विभिन्न गतिविधियों तथा कैंसर के कठिन चरणों में रोगियों को सहायता प्रदान करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी।

श्रीमती पवनजीत कौर गिल ने कैंसर से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए तथा बीमारी से उबरने की प्रक्रिया में परिवार के सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने, समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने तथा जागरूकता अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. जसपाल सिंह हुंदल विद्यार्थी कल्याण निदेशक ने कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य समाज का एक बहुत खास पहलू है क्योंकि महिलाओं के स्वास्थ्य से ही परिवार और समाज की ज़िंदगी आसानी से चल सकती है। उन्होंने कहा कि वेटरनरी यूनिवर्सिटी इस महत्व को समझती है और इसलिए ऐसी कोशिशें की जाती हैं।
इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ. वनीत इंदर कौर, डॉ. निधि शर्मा और डॉ. सरबजीत कौर के संयुक्त प्रयासों से किया गया। यह पहल स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने, सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने तथा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और कर्मचारियों के समग्र कल्याण को सुदृढ़ करने के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।





