सुनाम, 10 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह): पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार गांवों की लाल लकीर के भीतर पीढ़ियों से रह रहे परिवारों को उनके घरों की मिल्कियत की दस्तावेजी पहचान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ‘मेरा घर, मेरे नाम’ योजना उन परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जिनके पास अपने घरों के मालिकाना हक से संबंधित स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे।
कैबिनेट मंत्री आज विधानसभा क्षेत्र सुनाम के गांव कोटड़ा अमरू में 227 लाभार्थियों को प्रॉपर्टी कार्ड वितरित करने के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि अपनी मेहनत से बनाए गए घर की मिल्कियत का रिकॉर्ड मिलना प्रत्येक परिवार के लिए गर्व और संतोष का विषय है। यह पहल परिवारों के मौजूदा अधिकारों को दस्तावेजी पहचान देने के साथ-साथ उनकी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
अमन अरोड़ा ने कहा कि लाल लकीर के भीतर रहने वाले अनेक परिवार लंबे समय से अपने घरों में रह रहे थे, लेकिन मालिकाना हक का स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं होने के कारण उन्हें संपत्ति से जुड़े विभिन्न कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों की इस समस्या का व्यवस्थित समाधान करना और उन्हें उनके घरों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करवाना है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रॉपर्टी कार्ड और गांव का नक्शा दिखाते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि सर्वेक्षण और डिजिटल मैपिंग के माध्यम से घरों की सीमाओं, क्षेत्रफल तथा मालिकाना हक से संबंधित विवरणों का रिकॉर्ड तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से संपत्तियों की पहचान और उनसे संबंधित जानकारी को दस्तावेजी रूप मिलता है। इससे लोगों के लिए अपने अधिकारों की पुष्टि करना आसान हो जाता है।
अमन अरोड़ा ने कहा कि मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध होने पर परिवारों को बैंकों की लागू शर्तों के अनुसार ऋण के लिए आवेदन करने और संपत्ति से संबंधित लेन-देन की कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने में सुविधा मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि बच्चों की उच्च शिक्षा, कारोबार के विस्तार और परिवार की अन्य जरूरतों के लिए आर्थिक अवसरों तक पहुंच आसान बनाने में भी ऐसे दस्तावेज महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि योजना के तहत सर्वेक्षण और रिकॉर्ड तैयार करने का काम चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि इस प्रक्रिया में विवरणों की शुद्धता और पारदर्शिता बेहद जरूरी है, ताकि पात्र लाभार्थियों को सही रिकॉर्ड के आधार पर प्रॉपर्टी कार्ड मिल सकें।

उन्होंने कहा कि गांवों में आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही प्रॉपर्टी कार्डों का वितरण जारी रहेगा।
अमन अरोड़ा ने कहा कि लाल लकीर के भीतर रहने वाले परिवार लंबे समय से मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों की समस्याओं का सामना कर रहे थे। उनके अनुसार, पिछली सरकारों ने इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक गंभीरता नहीं दिखाई।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दे रही है। प्रॉपर्टी कार्डों का वितरण भी इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उनकी प्राथमिकता विधानसभा क्षेत्र सुनाम और पंजाब के लोगों की सेवा करना, विकास कार्यों को आगे बढ़ाना तथा सरकारी सुविधाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाना है।
उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार लोगों की जरूरतों को केंद्र में रखकर काम करती रहेगी और ‘मेरा घर, मेरे नाम’ योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रॉपर्टी कार्ड उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।





