हरियाणा, 10 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा में हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए ‘सखी-वन स्टॉप सेंटर’ योजना एक बड़ा सहारा साबित हो रही है। “सशक्त महिला, सुरक्षित महिला” के संदेश के साथ काम कर रहे इन केंद्रों के माध्यम से शारीरिक, यौन, भावनात्मक, मानसिक या आर्थिक हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही छत के नीचे सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में वर्तमान में 22 वन स्टॉप सेंटर पूरी तरह से कार्यरत हैं। इनमें से 10 केंद्र अपने स्वयं के भवनों में संचालित किए जा रहे हैं, जबकि 5 नए अतिरिक्त वन स्टॉप सेंटर भी स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से सितंबर 2026 तक कुल 66,818 मामलों में सहायता प्रदान की जा चुकी है।
प्रवक्ता ने बताया कि इन केंद्रों पर पीड़ित महिलाओं को तत्काल चिकित्सा सहायता, मुकदमे के लिए कानूनी सहायता, सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक परामर्श, एफआईआर दर्ज करवाने और पुलिस सुरक्षा प्राप्त करने में मदद के साथ-साथ 20 दिनों तक अल्पकालिक सुरक्षित अस्थायी आश्रय भी उपलब्ध करवाया जाता है।
इस अस्थायी आश्रय में महिलाओं और उनके बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं। इसमें किसी भी उम्र की लड़कियां और 12 वर्ष तक की उम्र के लड़के शामिल हो सकते हैं।
यदि किसी पीड़िता को 20 दिनों से अधिक समय तक ठहरने या दीर्घकालिक पुनर्वास की आवश्यकता होती है, तो उसे नारी निकेतन (करनाल), महिला आश्रम (रोहतक) जैसी सरकारी संस्थाओं या भाई कन्हैया लाल ट्रस्ट (सिरसा), आशियाना, करनाल तथा द अर्थ सेवियर्स फाउंडेशन जैसी गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) में भेज दिया जाता है।
इसके अतिरिक्त, गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के मामलों में स्वास्थ्य विभाग और ‘जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम’ के माध्यम से चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाई जाती है।
प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यौन शोषण, घरेलू हिंसा, मानव तस्करी, ऑनर किलिंग, एसिड अटैक या किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिला इन केंद्रों से सहायता प्राप्त कर सकती है।
बेहतर समन्वय के लिए इन केंद्रों को सी-डैक (C-DAC) के माध्यम से महिला हेल्पलाइन 181, आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से जोड़ा गया है।
पीड़ित महिलाएं किसी भी समय आपातकालीन सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 181 या 112 पर संपर्क कर सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.wcdhry.gov.in पर भी जा सकती हैं।