हरियाणा, 10 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि राज्य सरकार पंचायत की जमीन पर भी प्राकृतिक खेती शुरू करेगी। इसके लिए पंचायतों को अपनी जमीन पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पहले चरण में अगले वर्ष की शुरुआत में पंचायत की जमीन का 10 प्रतिशत हिस्सा प्राकृतिक खेती करने के लिए पट्टे पर दिया जाएगा।
श्री राणा अपने कार्यालय में बजट घोषणाओं और मुख्यमंत्री की घोषणाओं से संबंधित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजेंद्र कुमार भी उपस्थित थे।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को आम बजट में की गई घोषणाओं को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की 800 एकड़ जमीन पर प्राकृतिक खेती की जाएगी। इसके साथ ही अब पंचायत की जमीन पर भी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक खेती से प्राप्त उपज की बिक्री के लिए अनाज मंडियों में अलग व्यवस्था की जाएगी।
श्री श्याम सिंह राणा को अधिकारियों ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष जहां एक लाख एकड़ जलभराव वाली जमीन को सुधारकर खेती योग्य बनाया गया था, वहीं इस वर्ष एक लाख 40 हजार एकड़ जमीन को सुधारने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से अब तक लगभग 22 हजार एकड़ जमीन को सुधारा जा चुका है।
उन्होंने ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ योजना के तहत धान के स्थान पर अन्य फसलों की बुवाई करने पर किसानों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता की भी समीक्षा की।
कृषि मंत्री ने खेतों की मिट्टी के साथ-साथ ट्यूबवेल के पानी की जांच में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों को किसानों को पानी की जांच करवाने के प्रति जागरूक करने और इसके लिए प्रोत्साहित करने को कहा। अब तक लगभग 3,000 किसान अपने ट्यूबवेल के पानी की जांच करवा चुके हैं।
श्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बजट घोषणाओं और मुख्यमंत्री की घोषणाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।





