बल्लरां, 11 अक्टूबर, 2026 (हरशप्रीत कौर): अपनी राजनीति को निजी हितों के बजाय ईमानदारी और जनसेवा पर आधारित बताते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि वह पंजाब के अधिकारों के लिए लड़ने के कारण भाजपा की ईडी और सीबीआई की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं, जबकि पारंपरिक विपक्षी पार्टियां राज्य को लूटने के लिए सत्ता पर नजरें गड़ाए बैठी हैं। संगरूर जिले के गांव बल्लरां में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के 70,680 से अधिक सरकारी नौकरियां देकर, माताओं-बहनों के सम्मान से जुड़ी ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत भुगतान शुरू करके और गांव बल्लरां तथा पड़ोसी गांव लहल खुर्द में विकास कार्यों के लिए 60 लाख रुपये जारी करके बदले की राजनीति को समाप्त कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरा हिस्सा बसों, रेत या ठेकों में नहीं, बल्कि तीन करोड़ पंजाबियों के सुख-दुख में है। लोगों का विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है।”

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने विचार साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “गांव बल्लरां (लहरागागा) में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान माताओं और बहनों की ओर से दिखाया गया अपार प्यार इस बात का प्रतीक है कि सच्चाई का सूरज कभी नहीं डूबता। बल्लरां के लोगों के साथ मेरा संबंध वर्ष 2012 से है और उन्होंने हमेशा मुझे मेरी उम्मीद से भी अधिक प्यार दिया है। पारंपरिक पार्टियों की तरह हम बदले की राजनीति में विश्वास नहीं रखते। हमारा लक्ष्य आपके बेटों और बेटियों को शिक्षित करना तथा उन्हें ऊंचे पदों तक पहुंचाना है। हमने बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के 70,680 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं। माताओं और बहनों के बैंक खातों में सम्मान राशि जमा करने का काम भी शुरू हो चुका है। गांवों में विकास कार्यों को रुकने नहीं दिया जाएगा। इसी के तहत आज गांव बल्लरां के लिए 35 लाख रुपये और पड़ोसी गांव लहल खुर्द के लिए 25 लाख रुपये, कुल 60 लाख रुपये के अनुदान चेक सौंपे गए हैं। आपका प्यार और आशीर्वाद ही मेरी असली ताकत है और इस ताकत को कोई नहीं हरा सकता। इंकलाब जिंदाबाद।”
ईमानदारी और जनसेवा ही राजनीति का उद्देश्य
‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मेरी ईमानदारी मेरी सबसे बड़ी दौलत है और तीन करोड़ पंजाबियों का प्यार तथा विश्वास मेरी असली ताकत है। मेरा हिस्सा बसों, रेत, ठेकों या सड़क किनारे लगने वाली रेहड़ियों-फड़ियों में नहीं है। मेरा हिस्सा पंजाब के लोगों के सुख-दुख में है। उनकी उम्मीदें मेरी जिम्मेदारी हैं और उनका संघर्ष मेरा अपना संघर्ष है। मैं लोगों की सेवा करने के लिए राजनीति में आया हूं और जनसेवा हमेशा मेरी सरकार का मार्गदर्शक बनी रहेगी।”

पंजाब के अधिकारों के लिए लड़ने पर बनाया जा रहा राजनीतिक दबाव: मान
केंद्रीय जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं पंजाब के अधिकारों के लिए लड़ रहा हूं और इसी कारण भाजपा ने ईडी तथा सीबीआई को मेरे पीछे लगा दिया है। जो लोग पंजाब के लिए आवाज उठाते हैं और इसके हितों से समझौता करने से इनकार करते हैं, उन पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन मैं निजी सुख-सुविधाओं के लिए कभी भी पंजाब के अधिकारों और यहां के लोगों के सम्मान से समझौता नहीं करूंगा।” उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां पंजाब की सेवा करने के लिए नहीं, बल्कि राज्य के संसाधनों पर दोबारा कब्जा करने और उनका इस्तेमाल अपने निजी हितों के लिए करने के उद्देश्य से सत्ता हासिल करना चाहती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “निजी हितों पर आधारित राजनीति के कारण पंजाब पहले ही बहुत कुछ झेल चुका है। लोगों को ईमानदार नेतृत्व, अपने बच्चों के लिए अवसर और ऐसी ईमानदार सरकार चाहिए, जो मुश्किल समय में उनके साथ खड़ी रहे। हमारी सरकार कुछ खास लोगों की सेवा करने के बजाय इन उम्मीदों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

बिना रिश्वत और सिफारिश के दीं 70,680 से अधिक सरकारी नौकरियां
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब में पहली बार युवाओं को बिना रिश्वत या राजनीतिक सिफारिश के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। हमने पूरी तरह योग्यता के आधार पर 70,680 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं। पीढ़ियों से युवाओं को यह विश्वास दिलाया जाता रहा कि सरकारी नौकरी पाने के लिए पैसे, प्रभाव या राजनीतिक पहुंच की जरूरत होती है। हम इस मानसिकता को बदलने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। किसी भी योग्य युवा को नौकरी पाने के लिए किसी राजनेता के पास जाने या रिश्वत देने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युवाओं का भविष्य पैसे या राजनीतिक प्रभाव के बजाय उनकी योग्यता से तय हो। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “मैं लोगों का विश्वास इसलिए मांगता हूं, क्योंकि मैं उनकी सेवा करना चाहता हूं। मेरी ताकत पंजाब के लोगों से आती है, न कि सत्ता के पदों से। जब तक लोग मेरा समर्थन करते रहेंगे, मैं उनके अधिकारों, सम्मान और अगली पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए लड़ता रहूंगा।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि करदाताओं से एकत्र किया गया प्रत्येक रुपया लोगों की भलाई के लिए समझदारी से खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “लोगों का पैसा जनता का है और इसे विकास, बेहतर स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों तथा सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से लोगों को वापस लौटाया जा रहा है। पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, जबकि किसानों को कृषि कार्यों में अधिक सुविधा देने के लिए दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है।”

टोल प्लाजा बंद होने से यात्रियों को रोजाना 70 लाख रुपये की बचत
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें मुफ्त बिजली, 70,000 से अधिक युवाओं को रोजगार, सड़कों में सुधार, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं तथा टोल प्लाजा बंद करना शामिल है। इससे यात्रियों को प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये की बचत हो रही है। उन्होंने कहा, “सार्वजनिक धन का इस्तेमाल जनहित में होना चाहिए। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि विकास का लाभ आम परिवारों तक पहुंचे, न कि कुछ खास लोगों तक सीमित रह जाए।”
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज
राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी पहल के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत प्रत्येक परिवार को हर साल 10 लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार उपलब्ध करवाया जाता है। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण पंजाब का कोई भी परिवार जरूरी चिकित्सा उपचार से वंचित न रहे।” उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य परिवारों पर स्वास्थ्य सेवाओं का आर्थिक बोझ कम करना और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं तक उनकी पहुंच बढ़ाना है। सरकार का लक्ष्य राज्यभर के निवासियों के लिए व्यापक स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाना है।
मावां-धीयां सत्कार योजना से महिलाओं को आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि मावां-धीयां सत्कार योजना महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष और इससे अधिक आयु की महिलाओं को इस योजना के तहत सामान्य वर्ग की लाभार्थियों के लिए 1,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए 1,500 रुपये की मासिक सहायता दी जा रही है। यह राशि 1 जुलाई से सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, “पंजाब में लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस पहल का लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके लिए राज्य सरकार ने बजट में 9,300 करोड़ रुपये रखे हैं। इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत करना और उनकी जरूरतों को पूरा करने में उन्हें अधिक सहयोग देना है।”
शिक्षा गरीबी से बाहर निकलने की सबसे बड़ी कुंजी: मुख्यमंत्री
शिक्षा को सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नींव बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “केवल मुफ्त सुविधाएं और रियायती कार्ड गरीबी या अन्य सामाजिक समस्याओं को समाप्त नहीं कर सकते। शिक्षा वह कुंजी है, जो लोगों को गरीबी के चक्र से बाहर निकालने, उनके जीवन स्तर को सुधारने और उनके बच्चों के सुनहरे भविष्य को सुरक्षित करने में मदद कर सकती है।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षक प्रशिक्षण, ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ और शैक्षणिक स्तर को ऊंचा उठाने के उद्देश्य से शुरू की गई विभिन्न पहलों के माध्यम से सरकारी स्कूलों में सुधार को प्राथमिकता दी है। प्रतियोगी परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “वर्ष 2021 में सरकारी स्कूलों के केवल 80 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की थी। वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 882 हो गई है, जो 11 गुना से भी अधिक वृद्धि है। यह प्रगति शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने और आम परिवारों के विद्यार्थियों के लिए अवसर बढ़ाने के लगातार प्रयासों को दर्शाती है।” उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और उन्हें अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने का अवसर प्राप्त हो।
1,587 गांवों के खेतों तक पहुंचा नहरी पानी
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने नहरी सिंचाई का विस्तार करने और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया है। उन्होंने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार नहरी पानी उन 1,587 गांवों के खेतों तक पहुंचा है, जहां पहले कभी नहरी पानी नहीं पहुंचा था। हमारी सरकार ने नहरी सिंचाई का विस्तार करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रत्येक खेत तक पानी पहुंचे, 7,200 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनकी सरकार के सत्ता संभालने के बाद नहरी सिंचाई के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र 26 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो गया है। उनके द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में लगभग 20.89 लाख एकड़ भूमि को नहरी पानी मिलता था, जबकि वर्तमान में 60.30 लाख एकड़ भूमि को नहरी पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्यभर में संपर्क व्यवस्था बेहतर बनाने और लोगों की सुविधा बढ़ाने के लिए लगभग 45,000 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण तथा उन्नयन किया जा रहा है।
युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए विकसित किए जा रहे 3,100 स्टेडियम
युवाओं को नशे से दूर रखने में खेलों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार पंजाब में 3,100 स्टेडियम विकसित करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस पहल से युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी, शारीरिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ेगी और गांवों में खेल प्रतिभाओं को निखारने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास उनकी सरकार की प्राथमिकता बना हुआ है। यह सुनिश्चित करने के लिए अनुदान जारी किए जा रहे हैं कि जरूरी विकास कार्य बिना किसी रुकावट के चलते रहें।
बल्लरां के लोगों से वर्ष 2012 से जुड़ा है मेरा रिश्ता: मान
गांव बल्लरां के लोगों के साथ अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “बल्लरां के लोगों के साथ मेरा रिश्ता वर्ष 2012 से है और उन्होंने हमेशा मुझे मेरी उम्मीद से ज्यादा प्यार तथा सम्मान दिया है। लोगों का अपार प्यार और आशीर्वाद, विशेष रूप से लोक मिलनी कार्यक्रम में शामिल हुई माताओं और बहनों का स्नेह, ईमानदारी से उनकी सेवा करते रहने के मेरे संकल्प को और मजबूत करता है।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांवों में विकास कार्यों को रुकने नहीं देगी। इसी क्रम में गांव बल्लरां के लिए 35 लाख रुपये और पड़ोसी गांव लहल खुर्द के लिए 25 लाख रुपये की विकास अनुदान राशि देने की घोषणा की गई। इस प्रकार दोनों गांवों के लिए कुल 60 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार पारंपरिक पार्टियों की तरह बदले की राजनीति में विश्वास नहीं रखती। हमारा उद्देश्य पंजाब के बेटों और बेटियों को शिक्षित करना, उन्हें सक्षम पेशेवर और अधिकारी बनाना तथा हर परिवार के लिए तरक्की के अवसर पैदा करना है। आपका प्यार और आशीर्वाद ही हमारी असली ताकत है और मैं पंजाब की भलाई तथा खुशहाली के लिए काम करता रहूंगा।” मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार पारदर्शी शासन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, सिंचाई और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देती रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रत्येक निर्णय लोगों की भलाई को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।






