चीमा/सुनाम, 12 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह): पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने आज कस्बा चीमा में पंजाब वाटर सप्लाई एवं सीवरेज बोर्ड के तहत 15.95 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई नहरी जलापूर्ति परियोजना का उद्घाटन किया। उन्होंने वाटर वर्क्स परिसर में रिबन काटकर और कंट्रोल पैनल का स्विच दबाकर इस परियोजना को क्षेत्रवासियों को समर्पित किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चीमा की यह परियोजना लोगों की बुनियादी जरूरत पूरी करने के साथ-साथ भूजल पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए अमन अरोड़ा ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र के तीन शहरों—सुनाम, चीमा और लोंगोवाल—में लोगों को नहरी पानी की आपूर्ति से जोड़ने के लिए परियोजनाएं तैयार की गई हैं। उन्होंने कहा कि आज चीमा में परियोजना का उद्घाटन होने से इस दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य नहरी पानी को शुद्ध करके जलापूर्ति प्रणाली के माध्यम से लोगों तक पहुंचाना है।
सुनाम में 60 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए उपयुक्त स्थान की तलाश
सुनाम शहर की परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि शहरवासियों के लिए 60 करोड़ रुपये की लागत वाली नहरी जलापूर्ति परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना को पवित्र सीतासर मंदिर से संबंधित स्थान पर स्थापित करने का प्रस्ताव था।
इस योजना में सीतासर सरोवर की पवित्रता और मर्यादा बनाए रखने, स्वच्छ नहरी पानी के निरंतर प्रवाह से सरोवर की सफाई सुनिश्चित करने तथा आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण करने की परिकल्पना भी शामिल थी। हालांकि, यह प्रस्तावित योजना उस स्थान पर सिरे नहीं चढ़ सकी।
अब प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से परियोजना के लिए नए उपयुक्त स्थान की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आवश्यक स्थान उपलब्ध होने और अन्य प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद परियोजना का काम जल्द शुरू करवाने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं, ताकि सुनाम के लोगों को भी नहरी पानी की सुविधा मिल सके।
गिरते भूजल स्तर पर जताई चिंता
भूजल के लगातार गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में जल संसाधनों पर बढ़ता दबाव एक गंभीर चुनौती है। बढ़ती आबादी और पानी की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए केवल भूजल पर निर्भर रहने के बजाय नहरी पानी जैसे वैकल्पिक स्रोतों का उचित उपयोग करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकार पेयजल की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ जल संसाधनों के संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रही है।
स्वच्छ पेयजल से बेहतर होगा लोगों का जीवन स्तर
अमन अरोड़ा ने कहा कि स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता लोगों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। इसलिए नहरी जलापूर्ति परियोजनाएं लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भूजल संरक्षण में भी योगदान देंगी।
उन्होंने लोगों से पानी का संयमित उपयोग करने और इसकी अनावश्यक बर्बादी रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए प्रत्येक नागरिक का सहयोग जरूरी है।
कैबिनेट मंत्री ने दोहराया कि पंजाब सरकार शहरों और गांवों में लोगों की जरूरतों के अनुसार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने तथा विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर पंजाब वाटर सप्लाई एवं सीवरेज बोर्ड के अधिकारी, स्थानीय नगर परिषद के प्रतिनिधि, आम आदमी पार्टी के नेता तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।






