कुरुक्षेत्र, 13 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा सुपर-100 कार्यक्रम और विकल्प फाउंडेशन ट्रस्ट के संचालक नवीन मिश्रा ने कहा कि हरियाणा सुपर-100 कार्यक्रम अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन, निर्धारित नियमों के पालन और लगातार बेहतर होते परिणामों के लिए जाना जाता है। यह कार्यक्रम हरियाणा के सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान कर रहा है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत से लेकर अब तक 146 विद्यार्थियों का भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), 158 विद्यार्थियों का राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) और 74 विद्यार्थियों का एमबीबीएस के लिए चयन हो चुका है। विशेष रूप से वर्ष 2026 में ही 100 विद्यार्थियों ने आईआईटी, एनआईटी और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें हासिल करने में सफलता प्राप्त की है। ये उपलब्धियां सरकारी स्कूलों के प्रति समाज के विश्वास को लगातार मजबूत कर रही हैं।
नवीन मिश्रा ने बताया कि हरियाणा सुपर-100 का आवासीय परिसर आश्रम जैसी अनुशासित और व्यवस्थित जीवनशैली की भावना के साथ संचालित किया जाता है। यहां विद्यार्थियों की पढ़ाई, भोजन, आवास, स्वास्थ्य, सुरक्षा और दैनिक आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाता है। सभी विद्यार्थियों के लिए समान नियम और निर्धारित प्रक्रियाएं लागू हैं, जिनका पालन कार्यक्रम की व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है।
उन्होंने बताया कि कुछ असामाजिक और हंगामा करने वाले तत्व अभिभावकों का रूप धारण करके अभिभावक-शिक्षक बैठक में पहुंचे थे। इसके लिए रविवार का दिन योजनाबद्ध तरीके से चुना गया, क्योंकि इस दिन अभिभावकों को अपने बच्चों से मिलने की अनुमति होती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा सुपर-100 में प्रत्येक विद्यार्थी और अभिभावक की वास्तविक समस्या को संवेदनशीलता के साथ सुना जाता है। लेकिन किसी व्यक्ति विशेष की अपेक्षा पूरी करने के लिए निर्धारित नियमों की अनदेखी करना अन्य विद्यार्थियों के साथ अन्याय होगा। कार्यक्रम में अनुशासन और सभी को समान अवसर देने के सिद्धांतों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
नवीन मिश्रा ने कहा कि हरियाणा सुपर-100 की असली पहचान इसके विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों का समर्पण, अभिभावकों का विश्वास, अनुशासन और लगातार बेहतर होते परिणाम हैं। इस तरह के भ्रामक प्रयास कार्यक्रम की उपलब्धियों और सरकारी स्कूलों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए किए जा रहे प्रयासों को रोक नहीं सकते।






