तिरंगा फहराने और देशभक्ति के नारे लगाने पर कार्रवाई किए जाने का पार्टी का आरोप; वकील ने पुलिस की कार्रवाई और मजिस्ट्रेट के अधिकारों पर उठाए सवाल
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर, 2026 (छत्तरपाल सिंह): कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता सौरव दास और आशुतोष रंका को जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पार्टी नेताओं ने इस कार्रवाई को विरोध की आवाज दबाने की कोशिश बताया है, जबकि पुलिस की कार्रवाई और हिरासत के आधारों को लेकर कानूनी विवाद भी खड़ा हो गया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया कि दोनों को तिरंगा फहराने के कारण जेल भेजा गया। पार्टी कार्यकर्ता अजिंक्य शिंदे ने भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने तिरंगा फहराया और ‘वंदे मातरम’ तथा ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए थे। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से पार्टी का संघर्ष नहीं रुकेगा। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस के अनुसार, कार्यकर्ताओं को जंतर-मंतर पर कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने की कोशिश के मामले में हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल घोषित करने वाली अधिसूचना एक दिन पहले वापस लिए जाने की बात सामने आई थी। CJP के वकील अभिष्ट हेल्ला ने विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा न्यायिक हिरासत के आदेश देने के अधिकार पर सवाल उठाए। उन्होंने पुलिस के दावों को भी चुनौती देते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं ने बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन नहीं किया था। ये दलीलें पार्टी के पक्ष की हैं; मामले के तथ्यों और कानूनी आधारों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट होगा। यह घटनाक्रम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर CJP तथा विपक्षी दलों के जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आया है।






