Wednesday, October 14, 2026
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दुधारू पशुओं के लिए उन्नत चारे के बीजों की व्यवस्था करने की दिशा में काम करें अधिकारी: श्री श्याम सिंह राणा

Shyam Singh Rana Urges Officials to Ensure Availability of Improved Fodder Seeds for Dairy Animals

कहा, देसी गायों की डेयरी खोलने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें

चंडीगढ़, 14 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राज्य में दुधारू पशुओं के लिए उन्नत चारे के बीजों की व्यवस्था करने की दिशा में काम करें, ताकि लोगों को अच्छी गुणवत्ता वाला दूध मिल सके। इसके लिए उन्होंने नीति बनाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए। श्री राणा चंडीगढ़ स्थित अपने कार्यालय में पशुपालन एवं डेयरी विभाग, लुवास विश्वविद्यालय, पशुधन विकास बोर्ड और हरियाणा गोसेवा आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, निदेशक डॉ. प्रेम सिंह, लुवास विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति डॉ. विनोद कुमार वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि दुधारू पशुओं को ऐसा चारा खिलाया जाना चाहिए, जिसे रासायनिक खादों और दवाओं के उपयोग के बिना तैयार किया गया हो। उन्होंने कहा कि डीएपी, यूरिया और रासायनिक खादों के इस्तेमाल से चारा जहरीला हो जाता है और उस चारे के माध्यम से रसायन दूध पीने वाले लोगों के शरीर तक पहुंच सकते हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पशुपालकों को जैविक एवं प्राकृतिक खादों के इस्तेमाल से चारा तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही, उन्हें उन्नत किस्म के बीज भी उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर इसके लिए एक नीति भी बनाई जा सकती है। श्री राणा ने यह भी कहा कि देसी गायों की डेयरी खोलने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सब्सिडी से संबंधित योजना तैयार की जाए। इससे जहां देसी नस्लों के संरक्षण और सुधार को बढ़ावा मिलेगा, वहीं गाय के मूत्र से तैयार जीवामृत का उपयोग प्राकृतिक खेती में खाद के रूप में किया जा सकेगा।

उन्होंने गांवों में पशुओं के लिए पंचायत की जमीन पर ‘डे-बोर्डिंग पशु हॉस्टल’ जैसी योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। इस योजना के तहत गांव के पशु दिन के समय हॉस्टल की चारदीवारी के भीतर चरागाह की तरह घूम सकेंगे, जबकि रात के समय पशुपालक अपने पशुओं को वापस घर ले जा सकेंगे। पशुपालन एवं डेयरी मंत्री ने विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं और बजट घोषणाओं की भी समीक्षा की तथा अधिकारियों को सभी घोषणाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।

 

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