जालंधर/मोहाली, 15 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह): पंजाब में करीब 17 साल के लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी होने जा रही है। पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन से राज्य के हॉकी प्रेमियों को एक बार फिर विश्वस्तरीय मुकाबले देखने का अवसर मिलेगा। भारत दूसरी बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। इससे पहले वर्ष 2009 में पंजाब गोल्ड कप के रूप में राज्य में अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट आयोजित किया गया था।
27 अक्टूबर से शुरू होने वाली इस प्रतियोगिता में मेजबान भारत के अलावा मलेशिया, दक्षिण कोरिया, चीन, जापान और बांग्लादेश की टीमें हिस्सा लेंगी। भारतीय टीम अपने खिताब का बचाव करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। टूर्नामेंट के इतिहास में भारत सबसे सफल टीम है, जिसने 2011, 2016, 2018 में संयुक्त विजेता के रूप में तथा 2023 और 2024 में खिताब अपने नाम किया है।
जालंधर से मोहाली तक दिखेगा हॉकी का रोमांच
प्रतियोगिता का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा। उद्घाटन समारोह और लीग चरण के मुकाबले 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक जालंधर के बर्ल्टन पार्क स्थित ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे। इसके बाद 4 और 5 नवंबर को सेमीफाइनल तथा पदक मुकाबले मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित होंगे।
लीग चरण में सभी छह टीमें एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करेंगी। इस चरण के बाद अंक तालिका में शीर्ष चार स्थान हासिल करने वाली टीमें सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 27 अक्टूबर को बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले से करेगी।
पंजाब की हॉकी विरासत को मिलेगा नया मंच
पंजाब का भारतीय हॉकी के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। राज्य ने देश को अनेक ऐसे खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय हॉकी की पहचान मजबूत की। ओलंपियन ऊधम सिंह और बलबीर सिंह सीनियर से लेकर मौजूदा दौर के मनप्रीत सिंह और हरमनप्रीत सिंह तक, पंजाबी खिलाड़ियों ने देश की हॉकी उपलब्धियों में अहम योगदान दिया है।
ऐसे में इस प्रतियोगिता का आयोजन केवल खेल आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पंजाब की समृद्ध हॉकी परंपरा और खेल संस्कृति को नई पहचान देने का अवसर भी है। घरेलू मैदान पर अंतरराष्ट्रीय टीमों के मुकाबले देखने के लिए हॉकी प्रशंसकों में उत्साह रहने की उम्मीद है।
हरमनप्रीत सिंह के लिए भावुक होगा यह टूर्नामेंट
भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इस आयोजन को पंजाब के खिलाड़ियों के लिए बेहद खास अवसर बताया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात होगी कि वे अपने ही राज्य में भारतीय जर्सी पहनकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलेंगे।
हरमनप्रीत ने यह भी बताया कि उनका परिवार पहली बार स्टेडियम में बैठकर उन्हें देश के लिए खेलते हुए देखेगा। उनके पिता ने अब तक स्टेडियम में मौजूद रहकर उन्हें भारतीय टीम की ओर से खेलते हुए नहीं देखा है। ऐसे में अपने गृह राज्य में खेलने का अनुभव उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी यादगार रहने वाला है।
पंजाब में होने वाली इस प्रतियोगिता से राज्य में हॉकी के प्रति रुचि बढ़ने और युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलने की उम्मीद है। अब सभी की निगाहें भारतीय टीम पर होंगी, जो घरेलू दर्शकों के समर्थन के बीच अपना खिताब बरकरार रखने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी।






