नई दिल्ली, 19 अक्टूबर 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 21 से 23 अक्टूबर तक भारत के आधिकारिक दौरे पर आएंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करने के साथ-साथ व्यापार, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पोलैंड के प्रधानमंत्री के साथ वहां के वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमान्स्की और एक बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी भारत आएगा। इस दौरे को भारत-पोलैंड संबंधों में आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
22 अक्टूबर को पी.एम. मोदी से होगी मुलाकात
विदेश मंत्रालय के अनुसार, डोनाल्ड टस्क 22 अक्टूबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। बैठक में दोनों देशों के राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भी विचार-विमर्श होगा।
भारत और पोलैंड के संबंधों को अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा के दौरान रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया गया था। मौजूदा दौरे में दोनों देश इस साझेदारी के तहत सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा कर सकते हैं।
व्यापार और निवेश बढ़ाने पर रहेगा जोर
इस यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक संपर्कों और निवेश के अवसरों को बढ़ावा देना है। पोलैंड का एक बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी इस दौरे में शामिल होगा। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार, 22 अक्टूबर को नई दिल्ली में भारत-पोलैंड आर्थिक मंच आयोजित किया जाएगा, जबकि 23 अक्टूबर को बेंगलुरु में सूचना प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े विषयों पर चर्चा के लिए बैठकें प्रस्तावित हैं।
रक्षा सहयोग, औद्योगिक साझेदारी, खनन, महत्वपूर्ण खनिज, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्यूटिकल्स और आधुनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं भी इस दौरे के आर्थिक एजेंडे का हिस्सा हैं। दोनों देशों के कारोबारी प्रतिनिधियों के बीच संपर्क से नए निवेश और संयुक्त परियोजनाओं के अवसर तलाशे जा सकते हैं।
2024 में रणनीतिक साझेदारी तक पहुंचे थे संबंध
भारत और पोलैंड ने अगस्त 2024 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। उस समय दोनों देशों ने 2024-2028 के लिए संयुक्त कार्ययोजना पर भी सहमति जताई थी। इस योजना में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, कृषि, बुनियादी ढांचे और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया था।
डोनाल्ड टस्क की मौजूदा यात्रा से इस साझेदारी को आगे बढ़ाने और आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने की उम्मीद है। हालांकि, यात्रा के दौरान किसी नए समझौते या घोषणा पर अंतिम निर्णय दोनों पक्षों की आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगा।






