अल्बर्टा, 21 अक्टूबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): केनैडा के तेल समृद्ध प्रांत अल्बर्टा में देश से अलग होने की प्रक्रिया शुरू करने के प्रस्ताव को मतदाताओं का बड़ा समर्थन नहीं मिला। मंगलवार तड़के घोषित नतीजों के अनुसार, करीब 76 प्रतिशत मतदाताओं ने कनाडा के साथ बने रहने का समर्थन किया, जबकि लगभग 23 प्रतिशत लोगों ने अलग होने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया।
यह मतदान सीधे तौर पर अल्बर्टा की स्वतंत्रता को लेकर नहीं था, बल्कि केनैडा से अलग होने की दिशा में आगे जनमत संग्रह कराने की प्रक्रिया शुरू करने के प्रस्ताव पर केंद्रित था। 15 लाख से अधिक मतों की गिनती के बाद सामने आए नतीजों को कनाडा की एकता के समर्थकों के लिए अहम माना जा रहा है।
अल्बर्टा लंबे समय से संघीय सरकार की नीतियों को लेकर असंतोष जताता रहा है। तेल और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध यह प्रांत केनैडा की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में अलगाव से जुड़ी मांग ने देश की राजनीति में एक बार फिर बहस तेज कर दी है।
केनैडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अल्बर्टा के लोगों ने एकता के पक्ष में स्पष्ट फैसला दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस फैसले से देश को साझा भविष्य के निर्माण और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में अपनी भूमिका मजबूत करने में मदद मिलेगी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की केनैडा के प्रति व्यापार नीतियों और कनाडा को अमेरिका में शामिल करने संबंधी बयानों को लेकर दोनों देशों के संबंधों में तनाव बना हुआ है।






